अमेरिका में ग्रीन कार्ड की व्यवस्था बदलेगा 'अमेरिकन्स फर्स्ट' बिल, भारतीय पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं
अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अलबामा के रिपब्लिकन सीनेटर टॉमी टबरविले ने एक नया बिल पेश किया है…
अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अलबामा के रिपब्लिकन सीनेटर टॉमी टबरविले ने एक नया बिल पेश किया है, जिसका मकसद रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड देने के मौजूदा सिस्टम को पूरी तरह बदलना है। 'अमेरिकन्स फर्स्ट इमिग्रेशन एक्ट' नाम का यह बिल पास होने पर दशकों पुरानी व्यवस्था की जगह एक अंक-आधारित (पॉइंट्स-बेस्ड) प्रणाली लागू हो जाएगी।
इस प्रस्तावित कानून का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिनकी ग्रीन कार्ड याचिकाएं वर्षों से लंबित हैं। बिल के प्रावधानों के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होते ही रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए पहले से लंबित कई याचिकाएं अमान्य हो सकती हैं। इसका मतलब है कि इन याचिकाओं के आधार पर अमेरिका के भीतर स्टेटस बदलने या विदेश से इमिग्रेंट वीजा पाने के आवेदनों को 'खारिज, नामंजूर या अमान्य' किया जा सकेगा।
क्या है नई पॉइंट्स-आधारित प्रणाली?
प्रस्तावित बिल के तहत, हर साल दुनिया भर के लिए 1,92,000 पॉइंट्स-आधारित इमिग्रेंट वीजा उपलब्ध होंगे। ग्रीन कार्ड पाने के लिए आवेदक को कम से कम 16 अंक हासिल करने होंगे और उसके पास अमेरिका में एक पक्की नौकरी का प्रस्ताव होना चाहिए। अंक इन आधारों पर दिए जाएंगे:
- वेतन (Salary): आवेदक की प्रस्तावित सैलरी राज्य की औसत सैलरी से जितनी ज़्यादा होगी, उतने ज़्यादा अंक मिलेंगे।
- शिक्षा (Education): उच्च शैक्षणिक योग्यता, खासकर अमेरिकी डिग्री, के लिए अंक मिलेंगे।
- अंग्रेजी भाषा: भाषा की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन पर भी अंक निर्धारित हैं।
- अन्य: सैन्य सेवा और असाधारण उपलब्धि के लिए भी पॉइंट्स दिए जाएंगे।
इसके अलावा, आवेदक की उम्र 18 से 51 साल के बीच होनी चाहिए। यह प्रणाली सबसे ज़्यादा स्कोर वाले आवेदकों को प्राथमिकता देगी।
भारतीयों पर क्या होगा विशेष असर?
इस बिल के एक प्रावधान से भारतीय आवेदकों पर गहरा असर पड़ सकता है। कई भारतीयों की रोजगार-आधारित याचिकाएं मंजूर हो चुकी हैं, लेकिन वे ग्रीन कार्ड के लंबे बैकलॉग के कारण अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बिल कहता है कि जिन लोगों की याचिकाएं नई व्यवस्था लागू होने से पहले मंजूर हो चुकी हैं, उन्हें वीजा तब तक ही मिलेगा जब तक उस वित्त वर्ष का कोटा खत्म नहीं हो जाता। इसके बाद उस श्रेणी में कोई और वीजा जारी नहीं होगा, जिससे कई लोगों की उम्मीदें टूट सकती हैं।
बिल में और क्या हैं महत्वपूर्ण बदलाव?
सीनेटर टॉमी टबरविले ने कहा, "हमारी मौजूदा इमिग्रेशन व्यवस्था इस बात का सही तरीके से आकलन नहीं करती कि हम किस तरह के लोगों को देश में आने दे रहे हैं।" उनका बिल सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि आप्रवासन के कई और पहलुओं को भी बदलता है:
- पारिवारिक ग्रीन कार्ड: परिवार के आधार पर मिलने वाले ग्रीन कार्ड को सिर्फ पति/पत्नी और नाबालिग बच्चों तक सीमित करने का प्रस्ताव है। अमेरिकी नागरिकों के माता-पिता, भाई-बहनों और वयस्क बच्चों के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद हो जाएगा।
- डायवर्सिटी वीजा: 'डायवर्सिटी वीजा लॉटरी' को पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव है।
- कंपनियों पर सख्ती: कंपनियों को विदेशी कर्मचारी रखने से पहले यह साबित करना होगा कि उन्होंने अमेरिकी कर्मचारियों को भर्ती करने की पूरी कोशिश की है।
- शर्तों के साथ ग्रीन कार्ड: शुरुआत में ग्रीन कार्ड दो साल के लिए सशर्त होगा। इस दौरान सरकारी मदद लेने या कुछ अपराधों में दोषी पाए जाने पर स्टेटस रद्द किया जा सकता है।
इनपुट: IANS



