सोनम वांगचुक से अस्पताल में मिले केंद्रीय मंत्री, पत्नी ने कहा- छात्रों के समर्थन में अनशन जारी रहेगा
लद्दाख के मुद्दे पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मंगलवार देर रात दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय…
लद्दाख के मुद्दे पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मंगलवार देर रात दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह मुलाकात की। वांगचुक को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को ही सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में भर्ती कराया गया था।
वांगचुक का यह अनशन ऐसे समय में जारी है, जब छात्रों के आंदोलन को बुधवार को 25 दिन पूरे हो रहे हैं। उन्हें आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में रखा गया है।
अनशन पर वांगचुक का दृढ़ रुख
इससे पहले सोमवार को वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से एक हस्तलिखित नोट जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि जब तक प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती, या उन्हें खुद अस्पताल में सांसदों से मिलने नहीं दिया जाता, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।
उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने भी मंगलवार को इस रुख की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने अपना अनशन तब तक जारी रखने का फैसला किया है, जब तक संसद 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई का संज्ञान नहीं लेती। गीतांजलि ने आरोप लगाया कि छात्रों को पीटा गया, उन पर लाठीचार्ज हुआ और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। उन्होंने कहा, "वांगचुक ने संसद में उनकी मांगों पर सुनवाई होने तक छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।"
पुलिस पर हमले के आरोपों पर प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर हमले के आरोपों पर जवाब देते हुए गीतांजलि आंगमो ने कहा, "मैं ट्रक में थी, तभी पुलिस अंदर आई और अभिजीत को भी जबरदस्ती ले जाने की कोशिश की। मेरे चारों ओर मौजूद लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर मेरी रक्षा की। छात्रों के साथ जो कुछ भी हुआ, वह हम सभी ने देखा है। अगर मैं अकेली होती और मेरे साथ कुछ किया जाता, तो मैं भी अपनी रक्षा करती।"
इनपुट: IANS



