संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़: रेबेका ग्रिनस्पैन ने बनाई बढ़त, वीटो पावर वाले देशों पर टिकी निगाहें
संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है और इस दौड़ में व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) की प्रमुख रेबेका ग्रिनस्पैन फिलहाल सबसे आगे निकलती दिख रही हैं…
संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है और इस दौड़ में व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) की प्रमुख रेबेका ग्रिनस्पैन फिलहाल सबसे आगे निकलती दिख रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा परिषद में हुए एक अनौपचारिक मतदान में उन्होंने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। हालांकि, अंतिम निर्णय सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के रुख पर ही निर्भर करेगा, जिनके पास वीटो का अधिकार है।
यह गुप्त मतदान प्रक्रिया है और इसके आधिकारिक नतीजे जारी नहीं किए जाते, लेकिन लीक हुई जानकारी के अनुसार कोस्टा रिका की ग्रिनस्पैन को 15 सदस्यीय परिषद में 10 सकारात्मक, 3 नकारात्मक और 2 तटस्थ वोट मिले हैं। यह आंकड़ा दो हफ्ते पहले हुए पिछले अनौपचारिक मतदान की तुलना में एक सकारात्मक वोट अधिक है। इस दौड़ में गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट दूसरे स्थान पर बनी हुई हैं, जिन्हें 8 सकारात्मक, 6 नकारात्मक और एक तटस्थ वोट मिला।
महिला और लैटिन अमेरिकी उम्मीदवार पर जोर
इस बार संयुक्त राष्ट्र की कमान किसी महिला को सौंपने की मांग जोर पकड़ रही है, क्योंकि पिछले 80 वर्षों में संगठन का नेतृत्व हमेशा पुरुषों ने ही किया है। इसके अलावा, करीब 35 साल से कोई भी लैटिन अमेरिकी इस पद पर नहीं पहुंचा है, जिससे इस क्षेत्र के उम्मीदवार भी अपनी दावेदारी मजबूत मान रहे हैं। इन दोनों ही पैमानों पर रेबेका ग्रिनस्पैन और कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट खरी उतरती हैं। सभी सात उम्मीदवारों ने पिछले हफ्ते महासभा के उच्च-स्तरीय सत्र के दौरान अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश की थी।
चयन प्रक्रिया और समयसीमा
मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह एक दिन भी अतिरिक्त पद पर नहीं रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा परिषद के पास नया उम्मीदवार चुनने के लिए केवल तीन महीने का समय बचा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, सुरक्षा परिषद उम्मीदवार का चयन करके अपनी सिफारिश महासभा को भेजती है, जो आम तौर पर इसे मंजूरी दे देती है। फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि जेरोम बोनाफोंट, जो इस महीने परिषद के अध्यक्ष हैं, ने मतदान होने की पुष्टि की लेकिन नतीजे बताने से इनकार कर दिया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किसी स्थायी सदस्य ने ग्रिनस्पैन या रोड्रिग्स-बिर्केट के खिलाफ वोट किया है या नहीं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में संकेत दिया था कि मॉस्को मौजूदा उम्मीदवारों से संतुष्ट नहीं है और कुछ नए नाम भी सामने आ सकते हैं। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी तीसरे स्थान पर हैं, जबकि युगांडा के पूर्व विदेश मंत्री ओलारा ओतुन्नू चौथे स्थान पर रहे।
इनपुट: IANS



