गाजा युद्ध: 7 अक्टूबर हमले की बरसी से पहले UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने की स्थायी युद्धविराम की मांग
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों की तीसरी बरसी के अवसर पर गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने और एक स्थायी युद्धविराम लागू करने की पुरजोर अपील की है…
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों की तीसरी बरसी के अवसर पर गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने और एक स्थायी युद्धविराम लागू करने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए हमलों की भयावहता को कभी दोहराया नहीं जाना चाहिए और उसके बाद शुरू हुई लड़ाई अब खत्म होनी चाहिए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ का हवाला देते हुए IANS ने बताया है कि इस संघर्ष में अब तक कम से कम 74 हजार फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। गुटेरेस ने अपने संदेश में कहा, "हमलों के बाद शुरू हुई विनाशकारी लड़ाई ने गाजा में फिलिस्तीनियों को बेहिसाब दर्द और तकलीफ दी है। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, लोग विस्थापित हुए और बड़े पैमाने पर तबाही हुई। आम लोग अब भी बेहद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। उनकी तकलीफ भी अब खत्म होनी चाहिए।"
शांति और सहायता की तत्काल आवश्यकता
महासचिव ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साल हुआ युद्धविराम कुछ राहत लेकर आया, लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ है। उन्होंने कहा, "अभी तक लोगों को पूरी सुरक्षा, पर्याप्त मानवीय सहायता या हालात सुधारने और शांति कायम करने का भरोसेमंद रास्ता नहीं मिल पाया है।" उन्होंने सभी पक्षों से अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने और युद्धविराम को स्थायी बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। गुटेरेस ने कहा, "अब युद्धविराम को स्थायी बनाने का समय है। बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता पहुंचने देने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का भी समय आ गया है।"
संघर्ष का लेखा-जोखा
यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था जब फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने गाजा से इजरायल पर एक बड़ा हमला किया था। इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान छेड़ दिया। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में 74,200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
एक बेहतर भविष्य की उम्मीद
एंटोनियो गुटेरेस ने शांति के लिए एक राजनीतिक रास्ते की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र इन लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बरसी सिर्फ दुख का प्रतीक न बने, बल्कि एक ऐसे भविष्य के संकल्प को मजबूत करे, "जहां इजरायली और फिलिस्तीनी शांति और सुरक्षा के साथ एक-दूसरे के पड़ोसी के रूप में रह सकें और उनके अधिकारों, सम्मान और उम्मीदों को पूरा किया जा सके।"
इनपुट: IANS



