काला सागर में तनाव: यूक्रेनी विदेश मंत्री ने एस. जयशंकर से की बात, भारत ने दोहराया संवाद का संकल्प
काला सागर में रूसी हमलों के कारण बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर मंडराते खतरे के बीच यूक्रेन ने भारत से संपर्क साधा है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री एस.…
काला सागर में रूसी हमलों के कारण बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर मंडराते खतरे के बीच यूक्रेन ने भारत से संपर्क साधा है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ फोन पर बातचीत कर क्षेत्र के मौजूदा हालात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने के उपायों पर भी चर्चा की।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों, बंदरगाहों और ऊर्जा पाइपलाइनों पर हमलों के रूप में तेज हो गया है। हाल ही में 25 अगस्त को रूस ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की थी, जिसमें पिवदेन्नी और ओडेसा बंदरगाहों पर कई मालवाहक जहाज और एक टैंकर निशाना बने।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर चिंता
यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रामकता और हमारे बंदरगाहों तथा समुद्री मार्गों पर बढ़ते हमलों के कारण काला सागर में पैदा हुई मुश्किल स्थिति के बारे में जानकारी दी।" सिबिहा ने इस बात पर जोर दिया कि इन हमलों का असर केवल यूक्रेन के खाद्य निर्यात पर नहीं पड़ रहा, बल्कि यह "दुनिया भर में लाखों परिवारों के लिए भी सीधा खतरा पैदा कर रहे हैं।" उन्होंने रूस की कोशिशों को वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया।
भारत का संवाद और कूटनीति पर जोर
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस बातचीत को महत्वपूर्ण बताया और भारत के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "आज शाम यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा के साथ हुई बातचीत की सराहना करता हूं। हमारी चर्चा का मुख्य विषय काला सागर में व्यापारिक गतिविधियों की बहाली, सभी नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।" जयशंकर ने दोहराया कि, "भारत हमेशा संवाद और कूटनीति का दृढ़ समर्थक रहा है।"
दिलचस्प है कि सिबिहा से बात करने के दिन ही, 25 अगस्त को, एस. जयशंकर ने मॉस्को में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय तनाव, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय विषयों पर व्यापक चर्चा की थी।
इनपुट: IANS



