रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और कड़े, ट्रंप ने नए कानून पर किए हस्ताक्षर
अमेरिका ने रूस पर अपने प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है…
अमेरिका ने रूस पर अपने प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून के तहत ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों की अवधि भी पांच साल के लिए बढ़ा दी गई है।
व्हाइट हाउस ने बताया कि 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' नामक यह कानून रूस पर कानूनी रोक, टैरिफ और प्रतिबंध लगाने व उन्हें बढ़ाने का अधिकार देता है। साथ ही, यह ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाता है। ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में इस बिल पर हस्ताक्षर के समय अलबामा की रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट और टेक्सास के प्रतिनिधि माइकल मैककॉल भी मौजूद थे।
कानून के मुख्य प्रावधान
रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट के कार्यालय के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाएं। यह प्रावधान उन शीर्ष पांच देशों पर भी लागू होता है जो रूसी तेल प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करते हैं। हालांकि, फिलहाल उन देशों के नाम या किसी खास टैरिफ दर की घोषणा नहीं की गई है।
इस कानून में एक छूट का प्रावधान भी है। यह उन देशों पर लागू होगा जो रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं, बशर्ते वे इस आयात को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हों।
ऊर्जा से आगे भी प्रतिबंध
ये नए प्रतिबंध सिर्फ ऊर्जा की खरीद तक ही सीमित नहीं हैं। इनके दायरे में रूसी अधिकारी, अमीर कारोबारी (ओलिगार्क) और उनके परिवार, विदेशी नागरिक, रूसी बैंक, वित्तीय संस्थान और रूस का 'शैडो फ्लीट' (गुप्त रूप से काम करने वाले जहाजों का बेड़ा) भी शामिल हैं। यह कानून रूस और यूक्रेन में उसके युद्ध का समर्थन करने वालों के खिलाफ प्राइमरी और सेकेंडरी, दोनों तरह के प्रतिबंधों का प्रावधान करता है।
सीनेटर ब्रिट ने कहा, "इस बिल पर हस्ताक्षर करके राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और उसकी युद्ध मशीन को फंड देने वाले सभी देशों को एक साफ संदेश दिया है कि अमेरिका यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक कदमों का विरोध करने में एकजुट है।" वहीं, इडाहो के प्रतिनिधि माइक सिम्पसन ने इन आर्थिक प्रतिबंधों को युद्ध खत्म करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का एक जरिया बताया।
इनपुट: IANS



