ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म करने को तैयार अमेरिका, ट्रंप ने रखी परमाणु हथियार न बनाने की शर्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म करने के लिए एक बड़ी शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने की पक्की गारंटी दे, तो…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म करने के लिए एक बड़ी शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने की पक्की गारंटी दे, तो अमेरिका अपनी सैन्य भागीदारी समाप्त कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान से परमाणु खतरे को स्थायी रूप से खत्म किया जाए।
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम अभी वहां से निकल सकते हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके पास परमाणु हथियार न हों और हम यह सुनिश्चित करेंगे।" जब उनसे पूछा गया कि वह सैन्य अभियान को सफल बताने के बावजूद जीत की घोषणा क्यों नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि दो साल बाद फिर यही करना पड़े। हमें ऐसी गारंटी चाहिए कि भविष्य में उनके पास यह क्षमता न हो।"
सैन्य अभियान एक 'बड़ी उपलब्धि'
इससे पहले टेनेसी के क्लार्क्सविल में एक भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान को अपनी सरकार की एक 'बड़ी उपलब्धि' बताया था। उन्होंने इस संघर्ष की तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे लंबे अमेरिकी युद्धों से करते हुए कहा कि ईरान में अमेरिका को सिर्फ सात महीने हुए हैं। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया, "हमने उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया है।"
इस दौरान ट्रंप ने संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों को भी याद किया। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में 18 अमेरिकी जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की थी, जिसे उन्होंने अपने पद की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक बताया।
ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को बहुत नुकसान पहुँचाया है। उनके अनुसार, इस अभियान में ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सिस्टम और कई निर्माण इकाइयों को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल बाजार को भी बड़ी राहत मिलेगी।
इनपुट: IANS



