ट्रंप का दावा: टैरिफ नीति से अमेरिका में लौटी मैन्युफैक्चरिंग, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा निर्यात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापार नीतियों, खासकर टैरिफ को देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पुनरुत्थान का श्रेय दिया है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापार नीतियों, खासकर टैरिफ को देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पुनरुत्थान का श्रेय दिया है। उन्होंने दावा किया कि विदेशी प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों को सुरक्षा देने के कारण देश में कारखाने वापस आ रहे हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सास में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने इन नीतियों को सफल बताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी निर्यात इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
ट्रंप ने कहा, "हमारे यहां पहले से ज्यादा फैक्ट्रियां बन रही हैं... पूरे देश में फैक्ट्रियां और प्लांट बन रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग वापस आ रही है।" उन्होंने कहा कि टैरिफ की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए अमेरिका में सामान बेचकर अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियां छीनना मुश्किल हो गया है।
व्यापार घाटे और रोजगार पर असर
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार घाटे में बड़ी कमी आने का भी दावा किया। उनके मुताबिक, "चीन के साथ हमारा व्यापार घाटा गिरकर पिछले 44 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।" आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इस साल अमेरिका में 60,000 नई मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां जुड़ी हैं और कर्मचारियों की कमाई में भी इजाफा हुआ है। इसके अलावा, भारी ट्रकों के उत्पादन में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उद्योग जगत से मिली प्रशंसा
ट्रंप के दावों का समर्थन ट्रक निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी किया। 'पैकार' के सीईओ प्रेस्टन फेइट ने फैक्ट्री में ट्रंप का स्वागत करते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप, हम आपके... बहुत आभारी हैं कि आपने ऐसी व्यापार नीतियां लागू कीं, जो अमेरिका के लिए अच्छी हैं।" इसी तरह, पीटरबिल्ट की इवेंट्स मैनेजर सारा रेनशॉ ने राष्ट्रपति को बताया कि टैरिफ के कारण उनकी कंपनी उत्पादन बढ़ाने और 1,000 नए कर्मचारियों को नौकरी देने में सक्षम हुई है। ट्रंप ने ट्रक उद्योग के बेहतर प्रदर्शन का एक कारण अपनी सरकार द्वारा पर्यावरण से जुड़े कुछ नियमों, विशेषकर नाइट्रोजन ऑक्साइड से संबंधित एक नियम को वापस लेना भी बताया, जिससे उनके अनुसार उत्पादन लागत कम हुई है।
इनपुट: IANS



