ईरान को प्रतिबंधों में राहत की पेशकश? डोनाल्ड ट्रंप ने रिपोर्ट को 'झूठ' बताकर किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि उनके प्रशासन ने परमाणु कार्यक्रम पर रियायतों के बदले ईरान को प्रतिबंधों में ढील देने की…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि उनके प्रशासन ने परमाणु कार्यक्रम पर रियायतों के बदले ईरान को प्रतिबंधों में ढील देने की पेशकश की थी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट को 'झूठ' करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक्सियोस ने अभी एक खबर जारी की है कि 'ट्रंप' ने ईरान को प्रतिबंधों से राहत और फ्रीज किए गए फंड देने की पेशकश की। यह सच नहीं है। मैंने उन्हें कुछ भी ऑफर नहीं किया! एक्सियोस की खबर, अधिकतर दूसरी खबरों की तरह, एक झूठ है।"
ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका का इनकार
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि एक्सियोस की यह रिपोर्ट तब सामने आई, जब ट्रंप ने सप्ताहांत में ईरान के युद्धविराम समझौते के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपने प्रस्ताव में मांग की थी कि अगर वह होर्मुज जलडमरूमध्य का बाकी हिस्सा फिर से खोलता है और अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करता है, तो अमेरिका को उसके बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना होगा।
कूटनीति या युद्ध: ईरान का जवाब
ट्रंप द्वारा शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अब कूटनीति और युद्ध जारी रखने में से किसी एक को चुनना "राष्ट्रपति ट्रंप पर निर्भर है"। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "हम युद्ध फिर से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम किसी भी नए हमले का डटकर सामना करने के लिए तैयार हैं, भले ही बात 'कयामत वाले युद्ध' तक ही क्यों न पहुंच जाए।"
अराघची ने एनबीसी के एक कार्यक्रम में ईरान की शर्तों को स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर अमेरिका संघर्ष खत्म कर नाकेबंदी हटा ले, ईरान की गैर-कानूनी तरीके से फ्रीज की गई संपत्ति जारी कर दे और देश को तेल बेचने की इजाजत दे, तो तेहरान अहम जलमार्ग खोल देगा। उन्होंने बताया कि इन कदमों को चार-पांच दिनों में पूरा किया जा सकता है और एक 'सात-दिवसीय योजना' भी पेश की गई है, जिसके तहत छठे दिन जलडमरूमध्य खुल सकता है और सातवें दिन बड़े समझौते पर बातचीत शुरू हो सकती है।
इनपुट: IANS



