गोपनीय जानकारी लीक: ट्रंप ने पत्रकारों से सोर्स पूछने का किया बचाव, कहा- 'कायर' और 'देशद्रोही' हैं लीक करने वाले
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोपनीय या संवेदनशील जानकारी लीक करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का निशाना…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोपनीय या संवेदनशील जानकारी लीक करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का निशाना पत्रकार नहीं, बल्कि वे लोग हैं जो जानकारी लीक करते हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह भी तर्क दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में पत्रकारों को उनके गोपनीय सूत्र बताने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी समन न्याय विभाग द्वारा वापस ले लिया गया। यह समन एयर फोर्स वन से जुड़ी एक रिपोर्टिंग के सिलसिले में जारी किया गया था। इसी संदर्भ में ट्रंप ने कहा, "हम पत्रकारों नहीं, जानकारी लीक करने वालों के पीछे हैं। हम उन लोगों के पीछे हैं जो कायर हैं और कई मामलों में देशद्रोही हैं।"
राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि लीक के स्रोत का पता लगाने के लिए अक्सर उन पत्रकारों से पूछताछ करनी पड़ती है, जिन्हें वह जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा, "आप उन्हें पत्रकारों के जरिए ढूंढ सकते हैं। रिपोर्टर शायद जानते हैं कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कुछ जानकारी नहीं लिखनी चाहिए।" जब उनसे पूछा गया कि क्या जांच के दौरान पत्रकारों के परिवार को समन भेजना सही है, तो उन्होंने सीधा जवाब न देते हुए कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या सही है, क्या नहीं। हम इसे कानूनी तौर पर करते हैं।"
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के डॉब्स केस के ड्राफ्ट लीक का भी उदाहरण दिया, जिसने रो बनाम वेड के ऐतिहासिक फैसले को पलट दिया था। उन्होंने कहा, "उस व्यक्ति को ढूंढा जाना चाहिए।" उन्होंने अपनी सरकार की चिंता को दोहराते हुए कहा, "जब आपके पास कोई है जो राष्ट्रीय सुरक्षा लीक कर रहा है... तो मुझे लगता है कि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है।"
पूर्व सरकारों से तुलना
अपनी सरकार के रुख का बचाव करते हुए ट्रंप ने बार-बार पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल से तुलना की। उन्होंने दावा किया, "बराक हुसैन ओबामा हमेशा ऐसा करते थे। वह पत्रकारों के पीछे पड़ जाते थे। उन्होंने ऐसा कई बार किया और किसी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा। जब कोई रिपब्लिकन ऐसा करता है, खासकर मैं तो हर कोई इसे बड़ी बात बना देता है।"
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में गोपनीय स्रोतों को लेकर सरकार और मीडिया के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। जहां समाचार संगठन खोजी पत्रकारिता के लिए स्रोतों की गोपनीयता को जरूरी बताते हैं, वहीं सरकारें राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर लीक की जांच कराती रही हैं। अमेरिकी संघीय कानून भी पत्रकारों को समन से पूरी तरह छूट नहीं देता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ये टिप्पणियां व्हाइट हाउस में नागरिक परमाणु ऊर्जा पहल पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद एक लंबे प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान कीं।
इनपुट: IANS



