डेटा सेंटर पर ट्रंप की दोहरी राय: चीन से मुकाबले के लिए ज़रूरी, पर आम लोगों पर न पड़े बिजली का बोझ
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए विशाल डेटा सेंटरों की स्थापना को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका इन केंद्रों को स्थापि…
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए विशाल डेटा सेंटरों की स्थापना को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका इन केंद्रों को स्थापित करने से इनकार करता है, तो वे चीन चले जाएंगे, जिससे देश तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ट्रंप ने इन केंद्रों का बचाव करते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक के लिए अमेरिका को कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे की सख्त जरूरत है।
शनिवार को ओहायो के वांडालिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें (डेटा सेंटर) चाहते हैं।" उन्होंने इसे ओहायो के लिए पैसा कमाने का एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा, "आप इन्हें सिर्फ बंद नहीं कर सकते। ये चीन चले जाएंगे।" ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओहायो समेत कई राज्यों में इन केंद्रों के विस्तार पर विवाद हो रहा है, क्योंकि इन्हें चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है।
बिजली बिल और आम उपभोक्ता
डेटा सेंटरों के कारण आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी की आशंकाओं को स्वीकार करते हुए ट्रंप ने समाधान का भी समर्थन किया। उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड द्वारा समर्थित 'रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट' का पक्ष लिया। इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा सेंटर अपनी बिजली की जरूरतों से जुड़ी लागत खुद वहन करें और दूसरे उपभोक्ताओं पर इसका बोझ न डालें। ट्रंप ने कहा, "मैं इस रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत कानून में बदलने के लिए हस्ताक्षर करूंगा।" हालांकि, यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है और अमेरिकी सीनेट में इसे आगे बढ़ाने का प्रयास इस सप्ताह विफल रहा।
चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा
ट्रंप ने इस मुद्दे को अमेरिका और चीन के बीच व्यापक तकनीकी मुकाबले से जोड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका तकनीकी दौड़ में चीन से आगे है और ऐसी नीतियां बनाने से बचना चाहिए जो कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को दूसरे देशों की ओर धकेल दें। उन्होंने कहा, "हम चीन से आगे हैं।" व्हाइट हाउस ने भी हाल ही में जापान में हुई एक बैठक का जिक्र किया है, जहां अमेरिका समेत 17 देशों ने वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देने के लिए सुपर-इंटेलिजेंस टूल्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक व्यापक पहुंच बनाने का समर्थन किया है।
चुनावी रैली और उम्मीदवार
ट्रंप 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। इस रैली में वे रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड और भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी के समर्थन में पहुंचे थे। हस्टेड अमेरिकी सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पूर्व बायोटेक उद्यमी रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं।
इनपुट: IANS



