त्रिपुरा: ट्रेन के पार्सल कोच में छिपाकर लाई गई करोड़ों की प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त
त्रिपुरा पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अगरतला रेलवे स्टेशन पर 2.36 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप की एक बड़ी खेप जब्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह खेप बिह
त्रिपुरा पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अगरतला रेलवे स्टेशन पर 2.36 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप की एक बड़ी खेप जब्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह खेप बिहार से देवघर एक्सप्रेस ट्रेन की पार्सल वैन में छिपाकर लाई गई थी। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने राज्य को नशा-मुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
यह त्रिपुरा में पिछले साल अक्टूबर के बाद से प्रतिबंधित कफ सिरप की दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। असम राइफल्स और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के जवान भी इस अभियान का हिस्सा थे।
चालाकी से छिपाया गया था नशीला पदार्थ
त्रिपुरा पुलिस के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) राजदीप देब ने बताया कि जब्त की गई खेप में 'एस्कफ' और 'फेयरडिल' ब्रांड की कफ सिरप की कुल 39,345 बोतलें शामिल हैं। इन बोतलों को लगभग 80 सीलबंद मेटल ड्रमों के अंदर बड़ी चालाकी से छिपाया गया था, ताकि किसी को शक न हो। इन कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडाइन हाइड्रोक्लोराइड जैसे तत्व होते हैं, जिनका भारत और पड़ोसी देशों में नशे के तौर पर दुरुपयोग किया जाता है।
एक व्यक्ति गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में 34 वर्षीय सुब्रत देब को गिरफ्तार किया है, जो खोवाई जिले की एक निजी फर्म में मैनेजर है। वह इस अवैध खेप को लेने के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन पहुंचा था। पार्सल वैन कोच को 29 जून को बिहार के कटिहार से बुक किया गया था और यह देवघर एक्सप्रेस से जुड़कर 1 जुलाई को अगरतला पहुंचा, जिसके बाद इसे जब्त कर लिया गया।
राज्य को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके का दौरा कर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। आईजीपी (खुफिया और सुरक्षा) कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया, "हालांकि यह दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है, लेकिन राज्य पुलिस ने नशीले पदार्थों और गांजा सहित अन्य प्रतिबंधित सामानों के अवैध व्यापार और परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि डीजीपी अनुराग के नेतृत्व में पुलिस इस रैकेट में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आईजीपी (कानून-व्यवस्था) मंचक इपर ने भी कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले साल 17 अक्टूबर को भी त्रिपुरा पुलिस ने एक मालगाड़ी से लगभग 5.4 करोड़ रुपये की 'एस्कफ' कफ सिरप की भारी खेप जब्त की थी। यह इस बात का संकेत है कि तस्कर अवैध सामानों की ढुलाई के लिए रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



