त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग की संदिग्ध मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव
त्रिपुरा के पुलिस प्रमुख (DGP) अनुराग सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के बाथरूम में मृत पाए गए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद उन्हें तुरं…
त्रिपुरा के पुलिस प्रमुख (DGP) अनुराग सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के बाथरूम में मृत पाए गए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद उन्हें तुरंत अगरतला के सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक ने मीडिया को बताया कि जब डीजीपी अनुराग को अस्पताल लाया गया, तब उनमें जीवन के कोई लक्षण नहीं थे। उन्होंने पुष्टि की, "डीजीपी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।" फिलहाल त्रिपुरा सरकार या पुलिस विभाग ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
एक शानदार पुलिस करियर
त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अनुराग ने पिछले साल 17 मई को राज्य के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला था। इस नियुक्ति से पहले वह पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 1988 बैच के IPS अधिकारी अमिताभ रंजन की जगह ली थी।
अनुराग ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने त्रिपुरा में लॉन्गथराई वैली के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर और पश्चिम व दक्षिण त्रिपुरा जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा, उन्होंने स्पेशल ब्रांच के एसपी और मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
वरिष्ठ अधिकारी अनुराग ने 2005 से 2013 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में एसपी और उप महानिरीक्षक (DIG) के पदों पर काम किया। उन्होंने 2003-04 में कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी अपनी सेवाएं दी थीं। 2016 से 2023 तक अपनी दूसरी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वह ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट, CISF और CBI में उच्च पदों पर रहे। इसके अलावा, उन्होंने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की जांच के लिए बने विशेष जांच दल (SIT) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया था।
इनपुट: IANS



