ममता बनर्जी पर कथित हमले से बंगाल की राजनीति में उबाल, TMC विधायकों ने विधानसभा में किया प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने इस घटना के विरोध में विधानसभा परिसर में जोरदार…
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने इस घटना के विरोध में विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वरिष्ठ नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय, कुणाल घोष, बिमान बनर्जी और नैना बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी विधायकों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर ममता बनर्जी के लिए न्याय की मांग की। पार्टी ने इस घटना को लेकर आज पूरे बंगाल में विरोध रैलियां निकालने का भी संकल्प लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में हुई एक घटना से जुड़ा है। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी वहां पार्टी कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने गई थीं, जिनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। बिरजू की पत्नी, जो कांचरापाड़ा नगरपालिका की पूर्व पार्षद हैं, ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई से उनके पति की मौत हुई।
बिरजू केओट को रंगदारी समेत कई आरोपों में हलीशहर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, लेकिन शनिवार को उनकी मौत की खबर आई। इसी को लेकर तृणमूल कांग्रेस पुलिस की भूमिका की भी आलोचना कर रही है।
ममता बनर्जी पर हमले का आरोप
जब ममता बनर्जी रविवार को बिरजू के परिवार से मिलने जा रही थीं, तो रास्ते में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उनके काफिले पर जूते, कीचड़ और ईंट-पत्थर फेंके गए। ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए भाजपा समर्थित उपद्रवियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी गाड़ी की खिड़कियां खुली होतीं, तो उनके सिर में चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी।
अब तृणमूल कांग्रेस इस घटना को आधार बनाकर पूरे राज्य में अपना आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राज्य के सभी ब्लॉकों में विरोध मार्च आयोजित किए जाएंगे।
इनपुट: IANS



