वाल्मीकि निगम घोटाला: भाजपा ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज की, जाति कार्ड खेलने का लगाया आरोप
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को…
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री में वाल्मीकि समुदाय के प्रति थोड़ा भी सम्मान है, तो उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए।
यह पूरा विवाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए कथित घोटाले से जुड़ा है। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि नागेंद्र इस 185 करोड़ रुपए के घोटाले में आरोपी हैं और उन्हें अपनी जाति की पहचान का इस्तेमाल करके आरोपों से बचने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "नागेंद्र के प्रति कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्हें खुद बताना चाहिए कि सिद्दारमैया के मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसी स्थिति क्यों बनी कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।"
घोटाले और आत्महत्या का मामला
यह मामला तब प्रकाश में आया जब निगम के एक सुपरिटेंडेंट चंद्रशेखर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इसके बाद हुई जांच में यह बात सामने आई कि निगम का फंड तेलंगाना में ट्रांसफर किया गया था और उसका दुरुपयोग हुआ। विजयेंद्र ने जोर देकर कहा कि इस मामले में नागेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उन्हें अभी तक आरोपों से बरी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "अगर वह निर्दोष साबित होते हैं तो हमें उनके मंत्री बनने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जब आप पर इतने गंभीर आरोप हों, तो अपनी जाति का नाम लेकर बचने की कोशिश न करें।"
सरकार पर अन्य आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार की कई अन्य मुद्दों पर भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधान परिषद के चेयरमैन बसवराज होरट्टी को कांग्रेस सरकार ने अपमानित किया और इस्तीफा देने पर मजबूर किया। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में किसी भी महिला को मंत्री न बनाए जाने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह शायद कर्नाटक के इतिहास में पहली बार है कि विधानसभा सत्र की शुरुआत में कैबिनेट में एक भी महिला प्रतिनिधि नहीं है।
विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा विधानसभा के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आत्महत्या करने वाले अधिकारी चंद्रशेखर के परिवार को अभी तक ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे लाभ नहीं मिले हैं और सरकार ने उनके बेटे को चपरासी की नौकरी देकर परिवार का अपमान किया है।
इनपुट: IANS



