मनीला में जुटेंगे अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शीर्ष राजनयिक, उत्तर कोरिया पर रहेगा फोकस
फिलीपींस की राजधानी मनीला इस सप्ताह एक अहम त्रिपक्षीय बैठक की मेजबानी करने जा रही है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पुष्टि की है कि इस बैठक में अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शीर्ष…
फिलीपींस की राजधानी मनीला इस सप्ताह एक अहम त्रिपक्षीय बैठक की मेजबानी करने जा रही है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पुष्टि की है कि इस बैठक में अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शीर्ष राजनयिक हिस्सा लेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य केंद्र उत्तर कोरिया से जुड़े मुद्दों पर आपसी समन्वय और तीनों देशों के बीच सुरक्षा व आर्थिक सहयोग को मजबूती देना होगा।
यह बैठक 7 जुलाई को अंकारा में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के मौके पर हुई पिछली त्रिपक्षीय वार्ता के लगभग दो हफ्ते बाद हो रही है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के बीच यह मुलाकात आसियान से जुड़ी मंत्रिस्तरीय बैठकों के दौरान बुधवार को होगी।
बैठक के प्रमुख एजेंडे
अधिकारियों के मुताबिक, इस उच्च-स्तरीय चर्चा में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। इनमें उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मुद्दे, तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उपाय और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के तरीके शामिल हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व के संकट सहित अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श होगा।
पिछली बैठक में तीनों विदेश मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। साथ ही, उन्होंने प्योंगयांग के साथ संवाद के रास्ते खुले रखने के प्रयासों को जारी रखने का संकल्प लिया था। इसके अतिरिक्त, एक महत्वपूर्ण सहयोग ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों की तैनाती में तेजी लाना है।
विदेश मंत्री चो ह्यून का व्यस्त कार्यक्रम
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून मंगलवार से दो दिवसीय फिलीपींस यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, वह कई अन्य महत्वपूर्ण बैठकों में भी शामिल होंगे। इनमें कोरिया-आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक, आसियान प्लस थ्री (जिसमें चीन, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं), आसियान रीजनल फोरम (ARF) और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) की बैठकें प्रमुख हैं।
इन मंचों पर चो ह्यून द्वारा आसियान देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए सियोल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने की उम्मीद है। वह कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डालेंगे। इन बड़ी बैठकों के अलावा, चो ह्यून ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, न्यूजीलैंड, ब्रुनेई और फिलीपींस के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
इनपुट: IANS



