गुजरात: ब्लड प्रेशर की नकली दवाओं का बड़ा रैकेट, लखनऊ और अहमदाबाद से तीन गिरफ्तार
ब्लड प्रेशर के मरीज़ों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक अंतर-राज्यीय रैकेट का गुजरात में पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में लखनऊ और अहमदाबाद से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है…
ब्लड प्रेशर के मरीज़ों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक अंतर-राज्यीय रैकेट का गुजरात में पर्दाफाश हुआ है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में लखनऊ और अहमदाबाद से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर नकली दवाएं खरीदने, बेचने और पूरे गुजरात में सप्लाई करने का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरोह उत्तर प्रदेश और राजस्थान से गुजरात के मेडिकल स्टोर तक नकली दवाओं का नेटवर्क चला रहा था।
इस पूरे मामले की शुरुआत दवा बनाने वाली कंपनी जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स की एक शिकायत से हुई। कंपनी ने 19 अगस्त को गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) को बताया कि उनकी ब्लड प्रेशर की दवा 'निकार्डिया रिटार्ड 10' (निफेडिपाइन सस्टेन्ड रिलीज टैबलेट आईपी 10 मिलीग्राम) की नकली खेप बाज़ार में मौजूद है। इस नकली दवा का बैच नंबर ACG25007 था, जिस पर निर्माण की तारीख जून 2025 और एक्सपायरी मई 2028 लिखी थी।
जांच में कैसे खुला पूरा नेटवर्क
कंपनी की शिकायत अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत तक पहुंचने के बाद क्राइम ब्रांच और FDCA ने मिलकर जांच शुरू की। जांचकर्ताओं ने पाया कि नकली दवाओं का स्टॉक सबसे पहले अहमदाबाद के पालड़ी इलाके की 'पार्श्व मेडिकल एजेंसी' में पहुंचा। इस एजेंसी को यह माल लखनऊ की 'सेना मेडिकल' से सप्लाई किया गया था। जांच में कच्छ पहुंचे स्टॉक का लिंक जयपुर की 'एवीआर मेडिकोज' से भी जुड़ा।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने नडियाद के 'किशन मेडिकल स्टोर' से नकली बैच की 30 स्ट्रिप्स और भुज में 'नवकार मेडिकल एजेंसी' व 'महादेव मेडिकल एजेंसी' से भी दवाएं बरामद कीं। इससे पहले FDCA ने 30 से ज़्यादा मेडिकल स्टोरों पर छापा मारकर नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट जब्त की थीं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने 26 अगस्त को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान अहमदाबाद के दर्शिल संघवी (39 वर्ष) और लखनऊ के देवेंद्र यादव (39 वर्ष) व उमंग रस्तोगी (34 वर्ष) के रूप में हुई है।
- दर्शिल संघवी: उस पर नकली स्टॉक हासिल कर अहमदाबाद और दूसरे शहरों में सब-डिस्ट्रीब्यूटर को सप्लाई करने का आरोप है।
- देवेंद्र यादव: उस पर कम कीमत पर नकली दवाएं खरीदकर गुजरात में उनकी सप्लाई का बंदोबस्त करने का आरोप है।
- उमंग रस्तोगी: उस पर वेंडरों से दवा खरीदकर कमीशन पर गुजरात में सप्लाई और बिक्री में मदद करने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि देवेंद्र और उमंग को पहले पुणे में भी नकली दवा के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, उमंग पर जीएसटी एक्ट का भी एक मामला दर्ज है। दर्शिल संघवी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश में कई शहरों में टीमें भेजी हैं।
इनपुट: IANS



