रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

तेलंगाना: एयरोस्पेस-डिफेंस में बड़े निवेश की तैयारी, सरकार जल्द लाएगी नई पॉलिसी 2.0

तेलंगाना सरकार राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि जल्द ही 'एयरोस्पेस…

तेलंगाना: एयरोस्पेस-डिफेंस में बड़े निवेश की तैयारी, सरकार जल्द लाएगी नई पॉलिसी 2.0
(फोटो: IANS)

तेलंगाना सरकार राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि जल्द ही 'एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2.0' लाई जाएगी। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करना और हैदराबाद को रिसर्च के लिए एक प्रमुख स्थान के रूप में स्थापित करना है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी शनिवार रात 'रक्षा एक्सपो' के कर्टेन रेजर कार्यक्रम के दौरान दी। यह एक्सपो 7 से 9 दिसंबर के बीच हैदराबाद के भारत फ्यूचर सिटी में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट' के हिस्से के रूप में आयोजित किया जाएगा। सीएम रेड्डी ने कहा कि सरकार इस एक्सपो को एक अंतरराष्ट्रीय मंच बनाना चाहती है, जहाँ रक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारक एक साथ आकर सार्थक चर्चा कर सकें।

हैदराबाद क्यों है अहम?

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद की रणनीतिक स्थिति और सुरक्षा पर जोर देते हुए बताया कि यह शहर कई महत्वपूर्ण शोध संस्थानों का घर है। उन्होंने कहा, "हैदराबाद एक असाधारण रूप से सुरक्षित शहर है और यहां कई महत्वपूर्ण रिसर्च संस्थान हैं।" इसके अलावा, भारतीय सेना और वायु सेना के कई प्रमुख रणनीतिक केंद्र भी यहीं स्थित हैं।

एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि तेलंगाना दक्षिण भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी कोई तटरेखा नहीं है, फिर भी यह भारतीय नौसेना को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है। राज्य के विकाराबाद जिले में दामागुंडम रिजर्व फॉरेस्ट में एक वेरी लो फ्रीक्वेंसी (वीएलएफ) नौसैनिक रडार स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है।

युवाओं और तकनीक पर फोकस

सीएम रेड्डी के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिभाशाली युवाओं की आवश्यकता है, जिसे आईआईटी, आईआईआईटी, एनआईटी, और आईएसबी जैसे शीर्ष संस्थान पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए 'यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी' की स्थापना की है और आईटीआई को एडवांस्ड ट्रेनिंग सेंटर्स (एटीसी) में अपग्रेड किया है।

मुख्यमंत्री ने भारत को रक्षा तकनीक के आयातक से निर्यातक बनाने की अपनी इच्छा जाहिर की और कहा कि तेलंगाना इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निवेशकों से राज्य में अपना निवेश दोगुना करने की अपील करते हुए सरकार की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल एयरोस्पेस और रक्षा के अलावा साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा देगी।

इनपुट: IANS

N

News4Social टेक डेस्क

News4Social टेक डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से टेक्नोलॉजी से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →