तेलंगाना में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 करोड़ का बीमा, जानिए योजना की खास बातें
तेलंगाना देश का ऐसा पहला और एकमात्र राज्य बन गया है जिसने अपने सरकारी कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग स्टाफ और पेंशनभोगियों के लिए एक करोड़ रुपए की दुर्घटना बीमा योजना लागू की है। समाचार…
तेलंगाना देश का ऐसा पहला और एकमात्र राज्य बन गया है जिसने अपने सरकारी कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग स्टाफ और पेंशनभोगियों के लिए एक करोड़ रुपए की दुर्घटना बीमा योजना लागू की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके परिवार को तत्काल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे किसी भी तरह की तंगी से बच सकें।
राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने गुरुवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना बैंकों के सहयोग से चलाई जा रही है, जिस कारण सरकार या कर्मचारियों पर कोई सीधा वित्तीय बोझ नहीं पड़ रहा है। इस मॉडल में उन बैंकों के साथ समझौता किया गया है जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करते हैं, क्योंकि उन्हें वेतन प्रोसेसिंग से व्यावसायिक लाभ मिलता है।
कौन-कौन हैं योजना के दायरे में?
इस बीमा योजना के तहत राज्य के लगभग 12.91 लाख लोग आते हैं। इनमें 5,18,293 नियमित कर्मचारी, 2,72,600 पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं। इसके अलावा, 5,00,158 अन्य कर्मचारी भी इसका लाभ उठा रहे हैं, जिनमें अस्थायी, आउटसोर्सिंग, दिहाड़ी, एनआरईजीएस और एसईआरपी जैसे विभिन्न श्रेणियों के कर्मी शामिल हैं।
योजना की शुरुआत और विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि 1 करोड़ रुपए की बीमा योजना का सबसे पहला प्रयोग सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड में किया गया था। इसकी सफलता के बाद इसे ऊर्जा विभाग के डिस्कॉम और फिर अन्य संगठनों तक बढ़ाया गया। अंत में, इसे राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू कर दिया गया। विक्रमार्क के अनुसार, इस मॉडल का अध्ययन केंद्र सरकार ने भी किया है और तमिलनाडु जैसे अन्य राज्य भी इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
अब तक कितने दावों का निपटारा हुआ?
योजना के तहत अब तक मिले दावों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार:
- राज्य सरकार कर्मचारी: 33 दावे मिले, जिनमें से 24 का निपटारा हो चुका है।
- बिजली क्षेत्र (SPDCL, NPDCL, आदि): सभी 15 प्राप्त दावों का समाधान कर 15 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।
- सिंगरेनी कोलियरीज: सभी 50 प्राप्त दावों का निपटारा कर दिया गया है।
विक्रमार्क ने बताया कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर कर्मचारी के परिवार को बीमा कवर और अन्य लाभों को मिलाकर कुल 1.20 करोड़ रुपए तक दिए जाते हैं। हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर यह कवर 2 करोड़ रुपए तक का है, जबकि प्राकृतिक मृत्यु के मामले में 10 लाख रुपए तक के लाभ का प्रावधान है।
कर्मचारियों के लिए हेल्थ कार्ड भी
बीमा योजना के अलावा, उपमुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा वाले हेल्थ कार्ड शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी यूनियनों की इस पुरानी मांग को पूरा कर दिया गया है। इस हेल्थ कार्ड पॉलिसी को कर्मचारी संघों, मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया है, जिसमें सीजीएचएस पैकेज जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इसके लिए सरकार ने करीब 240 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
इनपुट: IANS



