तेलंगाना: शहरी गरीबों के लिए 'इंदिरम्मा इंदलु' योजना शुरू, 5 लाख की सब्सिडी पर मिलेंगे फ्लैट
तेलंगाना में शहरी गरीबों को अपना घर देने के लक्ष्य के साथ सरकार ने 'इंदिरम्मा इंदलु' योजना की शुरुआत कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस योजना के तहत हैदराबाद के कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र…
तेलंगाना में शहरी गरीबों को अपना घर देने के लक्ष्य के साथ सरकार ने 'इंदिरम्मा इंदलु' योजना की शुरुआत कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस योजना के तहत हैदराबाद के कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में कम आय वर्ग के लोगों के लिए आवासीय टावर बनाए जाएँगे, जिसमें सरकार प्रत्येक घर के लिए 5 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी। सोमवार को राज्य सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्रियों पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, डी. श्रीधर बाबू और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस योजना का शुभारंभ किया और इसकी विस्तृत जानकारी देने वाली एक पुस्तिका भी जारी की।
इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तेलंगाना को झुग्गी-मुक्त बनाना है। उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा, "पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी शहर के कई हिस्सों में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती आवास देने के लिए एलआईजी हाउसिंग टावर बनाए गए थे। उसी भावना के साथ अब कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में इंदिरम्मा हाउसिंग परियोजना शुरू की जा रही है।"
कौन और कैसे कर सकता है आवेदन?
इस योजना के लिए वे लोग पात्र हैं जो पिछले 10 वर्षों से हैदराबाद में रह रहे हैं और जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। आवेदन प्रक्रिया 21 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगी। आवेदन के लिए 100 रुपये का शुल्क और 10,000 रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) राशि निर्धारित की गई है। यदि किसी आवेदक को मकान आवंटित नहीं होता है, तो हाउसिंग बोर्ड द्वारा उनकी ईएमडी राशि वापस कर दी जाएगी।
परियोजना का पहला चरण और फ्लैट का विवरण
तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड सरकारी जमीनों पर ये आवासीय टावर बनाएगा। शुरुआत में 17 स्थानों की पहचान की गई है। योजना के पहले चरण में, कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों में से प्रत्येक में 500 मकान बनाए जाएँगे, जिससे पायलट चरण में कुल 7,680 फ्लैट तैयार होंगे। बाद में इस योजना का विस्तार कर एक लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया 400 वर्ग फीट और निर्मित क्षेत्रफल 528 वर्ग फीट होगा।
लागत और सरकारी योगदान
सरकार हर आवास इकाई के लिए जमीन मुहैया कराने के साथ-साथ 5 लाख रुपये की सब्सिडी देगी। वहीं, हाउसिंग बोर्ड ने लाभार्थी का योगदान 6 लाख रुपये तय किया है। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि उन इलाकों में भी मकान बनाए जाएंगे, जहाँ जमीन की कीमत 2 से 3 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक है। मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि लाभार्थियों के चयन और मकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि घर केवल पात्र परिवारों को ही मिलें। कुल मकानों का 10 प्रतिशत हिस्सा आउटसोर्सिंग, संविदा और सफाई कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेगा।
इनपुट: IANS



