सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
बिहार

पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने जमानत के लिए लगाई अर्जी, वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और मंशा पर उठाए सवाल

बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) की अदालत में अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। समाचार एजेंसी…

पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने जमानत के लिए लगाई अर्जी, वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और मंशा पर उठाए सवाल
(फोटो: IANS)

बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) की अदालत में अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उनके वकील ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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यादव की वकील निशा सिंह ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, जो कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया, "बिना एफआईआर के गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया और एफआईआर बाद में दर्ज की गई।"

पुलिस की मंशा और समय पर सवाल

वकील ने गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाया है। उनका दावा है कि पटना पुलिस ने जानबूझकर तेज प्रताप यादव को शनिवार को हिरासत में लिया, ताकि रविवार को अदालत की छुट्टी होने के कारण उन्हें तत्काल कानूनी राहत न मिल सके। वकील के अनुसार, यादव पटना के एक शॉपिंग मॉल में थे, जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।

स्वास्थ्य कारणों का दिया गया हवाला

जमानत याचिका में तेज प्रताप यादव की मेडिकल स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। वकील ने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, और जेल में रहने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। याचिका में मांग की गई है कि उन्हें न्यायिक हिरासत के बजाय मेडिकल निगरानी में रखा जाए।

आरोपों को दी गई चुनौती

बचाव पक्ष ने पुलिस द्वारा लगाए गए हत्या के प्रयास और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोपों को भी चुनौती दी है। वकील ने तर्क दिया कि बिहार बंद के दौरान छात्र प्रदर्शन के समय यादव ने न तो कोई भड़काऊ भाषण दिया और न ही हिंसा को उकसाया। उनके अनुसार, यादव केवल अपनी गाड़ी से उस इलाके से गुजर रहे थे, छात्रों के कहने पर कुछ देर के लिए बाहर निकले, तिरंगा लहराया और फिर चले गए। फिलहाल, जमानत अर्जी पर एसडीजेएम कोर्ट का फैसला आना बाकी है, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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