सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत की रक्षा-निर्माण शक्ति में नया मील का पत्थर, टाटा-बोइंग ने हैदराबाद से 400वां अपाचे फ्यूजलेज किया डिलीवर

भारत के रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण क्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाटा और बोइंग के संयुक्त उद्यम, टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) ने अपने हैदराबाद संयंत्र से दुनिया के सबसे उन्नत अटैक…

भारत की रक्षा-निर्माण शक्ति में नया मील का पत्थर, टाटा-बोइंग ने हैदराबाद से 400वां अपाचे फ्यूजलेज किया डिलीवर
(फोटो: IANS)

भारत के रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण क्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाटा और बोइंग के संयुक्त उद्यम, टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) ने अपने हैदराबाद संयंत्र से दुनिया के सबसे उन्नत अटैक हेलीकॉप्टरों में से एक, एएच-64ई अपाचे के 400वें ढांचे (फ्यूजलेज) की डिलीवरी पूरी कर ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह उपलब्धि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।

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इस सफलता को भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मज़बूती के तौर पर भी देखा जा रहा है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे रेखांकित करते हुए कहा कि 400 अपाचे फ्यूजलेज का निर्माण दोनों कंपनियों की एक बड़ी उपलब्धि है और यह दोनों देशों के बीच निरंतर मज़बूत होते रक्षा संबंधों को दर्शाता है।

हैदराबाद में वैश्विक निर्माण केंद्र

टीबीएएल की 52,000 वर्ग मीटर में फैली अत्याधुनिक इकाई हैदराबाद में स्थित है। 2016 में स्थापित यह संयंत्र अपाचे हेलीकॉप्टर के मुख्य फ्यूजलेज ढांचे का निर्माण करता है, जिन्हें बाद में अंतिम रूप देकर दुनिया भर के ग्राहकों को आपूर्ति की जाती है। इस इकाई में रोबोटिक्स और स्वचालित उपकरणों जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग होता है, और यहाँ 750 से अधिक इंजीनियर व तकनीशियन कार्यरत हैं।

कंपनी की उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। टीबीएएल ने फरवरी 2025 में अपना 300वां फ्यूजलेज तैयार किया था, और उसके केवल 18 महीनों के भीतर ही अतिरिक्त 100 फ्यूजलेज का निर्माण कर लिया।

भारतीय सेनाओं का अहम हिस्सा

बोइंग ने पुष्टि की है कि भारत में बने इन ढांचों का उपयोग उन हेलीकॉप्टरों में भी किया जाता है जो वैश्विक ग्राहकों को दिए जाते हैं, जिसमें अमेरिकी सेना भी शामिल है। इतना ही नहीं, 2025 में भारतीय सेना को मिलने वाले छह अपाचे हेलीकॉप्टरों में भी यहीं बने फ्यूजलेज लगे होंगे।

वर्तमान में, भारतीय वायु सेना के बेड़े में 22 एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर पहले से ही शामिल हैं। दुनिया भर के 19 देशों में लगभग 1,300 अपाचे हेलीकॉप्टर सेवा में हैं, जो इसे सबसे भरोसेमंद अटैक हेलीकॉप्टरों में से एक बनाता है।

इनपुट: IANS

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