मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु की शराब बिक्री ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, TASMAC की कमाई पहली बार ₹50,000 करोड़ के पार

तमिलनाडु में शराब की बिक्री से होने वाली सरकारी कमाई ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की एकमात्र अधिकृत शराब विक्रेता, तमिलनाडु राज्य विपणन निगम…

तमिलनाडु की शराब बिक्री ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, TASMAC की कमाई पहली बार ₹50,000 करोड़ के पार
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में शराब की बिक्री से होने वाली सरकारी कमाई ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की एकमात्र अधिकृत शराब विक्रेता, तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC), का राजस्व वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 50,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि राज्य के खजाने के लिए शराब पर बढ़ती निर्भरता को भी रेखांकित करती है।

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गृह, निषेध और उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा जारी 2026-27 की नीति के मुताबिक, बीते वित्तीय वर्ष में TASMAC ने कुल 50,845 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। यह 2024-25 में अर्जित 48,381 करोड़ रुपये की तुलना में 2,464 करोड़ रुपये (लगभग 5%) की वृद्धि है। यह रिकॉर्डतोड़ कमाई अब तमिलनाडु के कुल कर राजस्व का लगभग 26% हिस्सा है, जिससे यह राजकोष के लिए धन का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है।

राजस्व का गणित: कहाँ से आया पैसा?

इस भारी-भरकम राजस्व में सबसे बड़ा योगदान मूल्यवर्धित कर (Value Added Tax) का रहा, जिससे 39,010 करोड़ रुपये एकत्र हुए। इसके अलावा, उत्पाद शुल्क (Excise Duty) से सरकार को 11,836 करोड़ रुपये की आय हुई। ये आंकड़े दिखाते हैं कि शराब की बिक्री पर लगाए गए कर राज्य की वित्तीय सेहत के लिए कितने अहम हैं।

कमाई की यह रफ्तार मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी जारी है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2026-27 के पहले चार महीनों में ही TASMAC ने 17,855 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा लिया है, जो औसतन 4,460 करोड़ रुपये प्रति माह से भी अधिक है। विभाग का अनुमान है कि इस साल वार्षिक राजस्व में 5.3% की और वृद्धि हो सकती है।

बढ़ती कमाई और सामाजिक चिंताएं

TASMAC तमिलनाडु में भारतीय निर्मित विदेशी शराब की खुदरा बिक्री का एकाधिकार रखता है, और इसका वित्तीय प्रदर्शन हमेशा चर्चा का केंद्र रहता है। शराब की बिक्री या कर दरों में मामूली बदलाव भी राज्य की कुल आय पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

हालांकि, निगम की यह वित्तीय सफलता आलोचनाओं से परे नहीं है। कई राजनीतिक दल, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक संगठन शराब की आसान उपलब्धता और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों को लेकर लगातार चिंता जताते रहे हैं। यह रिकॉर्ड कमाई एक तरफ राज्य की वित्तीय मजबूती को दर्शाती है, तो दूसरी तरफ शराब से होने वाली आय पर निर्भरता कम करने की चुनौती को भी उजागर करती है।

इनपुट: IANS

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