गुरूवार, 6 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु में महिला किसान बनेंगी ड्रोन पायलट, 'वेट्री वानमगल' योजना के तहत मिलेगी ट्रेनिंग और सब्सिडी

तमिलनाडु में महिला किसानों को सशक्त बनाने और खेती-किसानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। 'वेट्री वानमगल योजना' नाम की इस स्कीम के तहत महिला किसानों को ड्रोन चलाने का…

तमिलनाडु में महिला किसान बनेंगी ड्रोन पायलट, 'वेट्री वानमगल' योजना के तहत मिलेगी ट्रेनिंग और सब्सिडी
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में महिला किसानों को सशक्त बनाने और खेती-किसानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। 'वेट्री वानमगल योजना' नाम की इस स्कीम के तहत महिला किसानों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और कृषि में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

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यह घोषणा कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने विधानसभा में 2026-27 का कृषि बजट पेश करते हुए की। उन्होंने बताया कि यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को 'महिला किसान का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष' घोषित किया है, जिससे कृषि में महिलाओं के योगदान पर दुनिया भर का ध्यान केंद्रित हुआ है।

प्रशिक्षण और लाइसेंस की व्यवस्था

इस योजना के शुरुआती चरण में 500 योग्य उम्मीदवारों को ड्रोन उड़ाने का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें 100 महिलाएं शामिल होंगी। सरकार इन सभी को ड्रोन पायलट का लाइसेंस हासिल करने में भी मदद करेगी। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) के रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से यह ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ने 1.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

ड्रोन खरीदने पर 50% सब्सिडी

प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को ड्रोन तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान है। सरकार प्रशिक्षित 50 महिला किसानों को ड्रोन खरीदने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी देगी। इस सब्सिडी के लिए अलग से 2.50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। मंत्री आर. विनोथ ने कहा कि इस स्कीम से महिलाओं को विशेष तकनीकी कौशल हासिल होगा और वे ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं को अपनी आय का अतिरिक्त जरिया बना सकेंगी।

खेती में ड्रोन तकनीक के फायदे

मंत्री के मुताबिक, ड्रोन तकनीक खेती, निर्माण, माल ढुलाई और आपदा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार पैदा कर रही है। कृषि में इसके इस्तेमाल से खाद और कीटनाशक का छिड़काव तथा फसलों की निगरानी जैसे काम आसान हो जाते हैं, जिससे इंसानी मेहनत पर निर्भरता घटती है। यह तकनीक खासकर खेती के व्यस्त समय में मजदूरों की कमी की समस्या से निपटने में भी मददगार साबित हो सकती है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन' फोर्स बनाई थी और अब वे कृषि को सहारा देने के लिए "वानमगल फोर्स" बनाना चाहते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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