भारत-रूस रक्षा सहयोग: सैन्य आधुनिकीकरण और संयुक्त उत्पादन पर दिल्ली में अहम बैठक
भारत और रूस अपनी दशकों पुरानी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी क्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण…
भारत और रूस अपनी दशकों पुरानी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी क्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में चल रही है। 4 अगस्त से शुरू हुई यह वार्ता 7 अगस्त तक चलेगी, जिसमें भविष्य के सैन्य सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
यह 'भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब ग्रुप मीटिंग' का पांचवां संस्करण है, जो दोनों देशों के बीच सैन्य एवं सैन्य-तकनीकी सहयोग तंत्र का एक अहम हिस्सा है। इस मंच के जरिए रक्षा परियोजनाओं और सेना के आधुनिकीकरण से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद होता है। मौजूदा बैठक में संयुक्त विकास, औद्योगिक सहयोग और नई सैन्य प्रौद्योगिकियों को लेकर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
उच्च स्तरीय सैन्य नेतृत्व
इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह कर रहे हैं। वहीं, रूसी पक्ष का नेतृत्व वहां के रक्षा मंत्रालय के मुख्य बख्तरबंद निदेशालय के उप प्रमुख मेजर जनरल अलेक्जेंडर तुफेकची कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने इस दौरान रक्षा संबंधों को और गहरा करने के अपने संकल्प को दोहराया।
रक्षा साझेदारी का व्यापक संदर्भ
भारत की सशस्त्र सेनाएं लंबे समय से रूसी सैन्य उपकरणों और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर रही हैं, जिनमें लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां और मिसाइल प्रणालियां शामिल हैं। यह बैठक इसी भरोसेमंद रिश्ते को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, खासकर जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। बैठक में रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने, विशेषकर भारत में संयुक्त निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया ताकि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी बल मिले।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से मुलाकात की थी। उस बातचीत को रक्षा मंत्री सिंह ने 'बेहतरीन और सार्थक' बताया था।
इनपुट: IANS



