तमिलनाडु में मछुआरों को बड़ी राहत, मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान अब ₹7000 की सहायता
तमिलनाडु में लगभग दो लाख मछुआरा परिवारों के लिए एक अहम घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने मछली पकड़ने पर लगने वाले वार्षिक प्रतिबंध और मंदी के दौरान दी जाने वाली…
तमिलनाडु में लगभग दो लाख मछुआरा परिवारों के लिए एक अहम घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने मछली पकड़ने पर लगने वाले वार्षिक प्रतिबंध और मंदी के दौरान दी जाने वाली वित्तीय सहायता राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब प्रत्येक पात्र परिवार को ₹6,000 की जगह ₹7,000 मिलेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम से राज्य के करीब 1.93 लाख परिवारों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।
यह घोषणा बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा 2026-27 के लिए सरकार का पहला बजट पेश करते समय की गई। उन्होंने बताया कि इस बढ़ी हुई सहायता के लिए चालू वित्त वर्ष में 135 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन पारंपरिक मछुआरों को अतिरिक्त आय सहायता देना है, जिनकी आजीविका प्रतिबंध अवधि के दौरान बुरी तरह प्रभावित होती है।
मछुआरों के लिए अन्य योजनाएं
वित्तीय राहत बढ़ाने के अलावा, सरकार ने मछुआरों के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने की भी बात कही है। पात्र मछुआरों को रियायती दरों पर डीजल और केरोसिन मिलता रहेगा। इसके साथ ही, राज्य भर में मत्स्य पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे, जैसे मछली पकड़ने के बंदरगाह, मछली उतारने के केंद्र और मछली फार्मों में सुधार के लिए भी निवेश किया जाएगा।
गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को प्रोत्साहन
बजट में एक और महत्वपूर्ण पहल गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा देना है। सरकार पारंपरिक मछुआरों को तट के पास के इलाकों से आगे बढ़कर गहरे पानी में जाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए एक योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत आधुनिक मछली प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाएं खरीदने पर ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।
इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 12 करोड़ रुपए रखे गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे न केवल मछुआरों की आय और पकड़ने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि तटीय जलक्षेत्रों में मछली संसाधनों पर दबाव भी कम होगा। नावों पर आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं से पकड़ी गई मछलियों की गुणवत्ता और मूल्य में भी सुधार की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



