श्रीलंका ईस्टर धमाके: खुफिया चेतावनी नज़रअंदाज़ करने पर पूर्व पुलिस प्रमुख को मौत की सज़ा
श्रीलंका में 2019 के ईस्टर आतंकी हमलों के मामले में एक अदालत ने देश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पुजित जयसुंदरा को मौत की सज़ा सुनाई है। तीन न्यायाधीशों की एक विशेष हाईकोर्ट पीठ ने जयसुंदरा को…
श्रीलंका में 2019 के ईस्टर आतंकी हमलों के मामले में एक अदालत ने देश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पुजित जयसुंदरा को मौत की सज़ा सुनाई है। तीन न्यायाधीशों की एक विशेष हाईकोर्ट पीठ ने जयसुंदरा को हमलों को रोकने में विफल रहने और अपनी ज़िम्मेदारियों के घोर उल्लंघन का दोषी पाया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने माना कि उनके पास हमलों से जुड़ी खुफिया चेतावनी पहले से मौजूद थी, फिर भी उन्होंने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
शुक्रवार को दिए गए इस फैसले में अदालत ने जयसुंदरा को हत्या में सहायता और उकसावे का दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उन्हें इस बात की स्पष्ट खुफिया जानकारी दी गई थी कि आत्मघाती हमलावर कोलंबो और आसपास के कैथोलिक चर्चों व पर्यटक होटलों को निशाना बना सकते हैं।
फैसले का आधार और प्रक्रिया
अदालत को यह बताया गया कि तत्कालीन स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस के निदेशक निलंता जयवर्धने ने 20 अप्रैल, 2019 की शाम को ही जयसुंदरा को अगले दिन होने वाले संभावित आत्मघाती हमलों के बारे में सूचित कर दिया था। इसके बावजूद, जयसुंदरा ने इन हमलों को रोकने के लिए कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए।
तीन न्यायाधीशों की पीठ ने बहुमत से यह फैसला सुनाया, जिसमें पूरा फैसला सुनाने में चार घंटे से ज़्यादा का समय लगा। पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश प्रियंता लियानागे और न्यायाधीश तिलकरत्ने बंडारा ने जयसुंदरा को दोषी ठहराया, जबकि न्यायाधीश विराज वीरासूर्या ने असहमति जताते हुए एक अलग निर्णय दिया। बहुमत के फैसले में कहा गया कि अपराधों की रोकथाम और जनता की सुरक्षा के लिए नियुक्त एक राज्य अधिकारी के तौर पर जयसुंदरा ने अपने दायित्वों की गंभीर उपेक्षा की, जिसके लिए उन्हें मौत की सज़ा दी गई।
एक और वरिष्ठ अधिकारी को सज़ा
इसी मामले में अदालत ने बाद में तत्कालीन रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो को भी खुफिया चेतावनियों पर कार्रवाई न करने का दोषी ठहराया और उन्हें भी मौत की सज़ा सुनाई।
गौरतलब है कि 21 अप्रैल, 2019 को श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाकों में 260 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे।
इनपुट: IANS



