सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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Starship की पहली कक्षीय उड़ान: स्पेसएक्स का ऐतिहासिक मिशन आज भरेगा उड़ान

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स आज अपने अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट, स्टारशिप की 14वीं परीक्षण उड़ान लॉन्च करने की तैयारी में है। यह मिशन खास है क्योंकि यह अंतरिक्ष यान को पहली बार पृथ्वी की कक्षा…

Starship की पहली कक्षीय उड़ान: स्पेसएक्स का ऐतिहासिक मिशन आज भरेगा उड़ान
(फोटो: IANS)

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स आज अपने अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट, स्टारशिप की 14वीं परीक्षण उड़ान लॉन्च करने की तैयारी में है। यह मिशन खास है क्योंकि यह अंतरिक्ष यान को पहली बार पृथ्वी की कक्षा (orbit) में भेजने का प्रयास होगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह लॉन्च सोमवार को होना है, जिसकी 75 मिनट की विंडो सुबह 7:15 बजे से शुरू होगी, हालांकि इसके लिए नियामकीय मंजूरी मिलना बाकी है।

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इस महत्वाकांक्षी उड़ान का सीधा प्रसारण स्पेसएक्स अपनी वेबसाइट पर करेगा, जो लॉन्च से करीब 30 मिनट पहले शुरू होने की उम्मीद है।

मिशन का लक्ष्य और स्टारलिंक सैटेलाइट की तैनाती

योजना के अनुसार, स्टारशिप को करीब 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर ले जाया जाएगा, जहां वह लगभग 10 घंटे तक उड़ान भरते हुए पृथ्वी के छह चक्कर पूरे करेगा। मिशन का एक अहम पड़ाव अगली पीढ़ी के 26 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात करना होगा। यह तैनाती रॉकेट के ऊपरी चरण के अलग होने के बाद की जाएगी। इन सैटेलाइट्स से स्पेसएक्स के नेटवर्क की क्षमता में लगभग 26 टेराबिट प्रति सेकंड की भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो कि एक सामान्य फाल्कन 9 लॉन्च की क्षमता से करीब 10 गुना ज़्यादा है।

वापसी और लैंडिंग की प्रक्रिया

सैटेलाइट्स को उनकी कक्षा में छोड़ने के बाद, स्टारशिप एक नियंत्रित प्रक्रिया के तहत पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करेगा। इसके लिए रैप्टर इंजन का इस्तेमाल करते हुए एक 'डी-ऑर्बिट बर्न' किया जाएगा। मिशन के अंत में इसे चिली के पश्चिम में प्रशांत महासागर में एक निर्धारित स्थान पर उतारने का प्रयास होगा। इसी तरह, सुपर हेवी बूस्टर का भी परीक्षण किया जाएगा, जो स्टेज सेपरेशन के बाद मैक्सिको की खाड़ी में सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा।

तकनीकी सुधार और नए परीक्षण

यह 14वीं उड़ान कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों के साथ हो रही है। स्पेसएक्स ने पिछली उड़ान (13वीं) के दौरान बर्फ से जुड़ी इंजन विफलताओं को दूर करने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अपग्रेड किए हैं। इसके अलावा, कंपनी स्टारशिप की हीट शील्ड में भी नए बदलावों का परीक्षण कर रही है। इसमें टाइल्स को अधिक मजबूती से लगाना, घुमावदार टाइल डिजाइन और बेहतर प्लाज्मा शील्डिंग शामिल हैं। इस मिशन में दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली दो हीट-शील्ड टाइल्स भी लगाई गई हैं, जो भविष्य में रॉकेट के पुन: उपयोग की दिशा में एक अहम कदम है।

इनपुट: IANS

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