शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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गाजा में स्वास्थ्य संकट गहराया, 11,000 सर्जरी रुकीं: भारत में फिलिस्तीनी राजदूत ने जताई चिंता

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिसके चलते 11,000 से ज़्यादा ज़रूरी सर्जरी टालनी पड़ी हैं। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने शुक्रवार को यह जानकारी दे

गाजा में स्वास्थ्य संकट गहराया, 11,000 सर्जरी रुकीं: भारत में फिलिस्तीनी राजदूत ने जताई चिंता
(फोटो: IANS)

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिसके चलते 11,000 से ज़्यादा ज़रूरी सर्जरी टालनी पड़ी हैं। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए गाजा के हालात को 'बहुत खराब' बताया। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने दवाओं की भारी कमी और गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए बाहर ले जाने में आ रही बाधाओं पर भी चिंता व्यक्त की।

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राजदूत शावेश के अनुसार, “वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह टूटने की कगार पर है। 11,000 सर्जरी टाल दी गई हैं। जीवन बचाने वाली ज्यादातर दवाएं और टैबलेट उपलब्ध नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि हजारों घायलों को तत्काल इलाज के लिए गाजा से बाहर ले जाने की आवश्यकता है, लेकिन इस्राइल इसकी इजाजत नहीं दे रहा है।

गाजा की मानवीय स्थिति

अब्दुल्ला शावेश ने गाजा की गंभीर मानवीय स्थिति का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा, “सिर्फ 365 वर्ग किलोमीटर में 2.3 मिलियन लोग रहते हैं। इसका 70 प्रतिशत हिस्सा पहले ही तबाह कर दिया गया है।” संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी बच्चों का बचपन खत्म हो चुका है और वे लगातार तीसरे साल स्कूल नहीं जा पाए हैं।

भारत की भूमिका और उम्मीदें

फिलिस्तीनी राजदूत ने संकट के समय में भारत से मिल रहे समर्थन की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को दी जाने वाली अपनी वार्षिक फंडिंग फिर से शुरू कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत गाजा को मेडिकल मदद भी मुहैया कराएगा। शावेश ने कहा, “भारतीय लोग भी खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारी मदद के लिए आगे आते हैं। दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य जरूरतों में मदद के कई वादे किए गए हैं।”

इनपुट: IANS

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