जॉर्डन में तनाव: ईरान की मिसाइलों को आसमान में रोका गया, कई इलाकों में बजे सायरन
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रविवार को जॉर्डन के कई इलाकों में सायरन की गूंज सुनाई दी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली और जॉर्डन की सेनाओं ने ईरान से दागी गईं कई मिसाइलों को…
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रविवार को जॉर्डन के कई इलाकों में सायरन की गूंज सुनाई दी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली और जॉर्डन की सेनाओं ने ईरान से दागी गईं कई मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। ये मिसाइलें जॉर्डन के दक्षिणी तटीय शहर अकाबा की ओर बढ़ रही थीं।
यह जानकारी जॉर्डन के सरकारी प्रसारण संस्थान, जॉर्डन रेडियो एंड टेलीविजन कॉरपोरेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में पहले से मौजूद गंभीर स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले हो रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास का अलर्ट और जॉर्डन का खंडन
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, दिन में अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक 'खास और भरोसेमंद खतरे' का हवाला देते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था। दूतावास ने कहा था कि अकाबा के हवाई अड्डे और बंदरगाह को खाली करा दिया गया है और अमेरिकी नागरिकों को अगली सूचना तक इन स्थानों से दूर रहने की सलाह दी थी। हालांकि, जॉर्डन के अधिकारियों ने इस दावे का खंडन किया।
जॉर्डन के सरकारी संचार मंत्री मोहम्मद अल मोमानी ने एक बयान में स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों ने हवाई अड्डे या बंदरगाह को खाली करने का कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों जगहें सामान्य रूप से काम कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर तय प्रक्रियाओं के तहत ही अलर्ट जारी किया जाएगा।
ईरान के हमले के दावे
यह घटनाक्रम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा किए गए दावों के एक दिन बाद सामने आया है। शनिवार को आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा किया था।
ईरानी समाचार एजेंसी सेपाह के अनुसार, आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी अड्डे पर हमला कर कम से कम दो लड़ाकू विमानों और तीन अमेरिकी विमानों को नष्ट करने या भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया। इसके अलावा, ईरान ने कुवैत में एक ईंधन आपूर्ति केंद्र और बहरीन में एक डेटा सेंटर को भी निशाना बनाने की बात कही थी।
इनपुट: IANS



