सिक्किम: भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ का खतरा, ग्यालशिंग ज़िले में 161 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
सिक्किम के ग्यालशिंग ज़िले में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 161 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। समाचार एजेंसी…
सिक्किम के ग्यालशिंग ज़िले में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 161 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज़िले के कई इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और प्रशासन हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में रिम्बी और सिंगलिटम शामिल हैं। रिम्बी में भूस्खलन और बाढ़ से बस्तियों को बढ़ते खतरे के मद्देनज़र 28 परिवारों के 128 लोगों को रिम्बी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, पास के सिंगलिटम में सात परिवारों के 33 से ज़्यादा लोगों को, जिनमें बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं, एक राहत शिविर में भेजा गया है, जहाँ उनके लिए भोजन और अन्य ज़रूरी चीज़ों की व्यवस्था की गई है।
रिम्बी में गंभीर स्थिति
जिला प्रशासन के अनुसार, रिम्बी में मंदिर पॉइंट के आसपास नए भूस्खलन की खबरें हैं और निक खोलसा धारा के किनारे भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। इस मलबे के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया है, जिससे पानी और मलबे के अचानक तेज़ बहाव का खतरा पैदा हो गया है। इसी तेज़ बहाव के कारण रिम्बी का आरसीसी पुल पहले ही बह चुका है। मुख्य रिम्बी नदी ने भी अपना रास्ता बदल लिया है और अब वह सड़क किनारे की ज़मीन का कटाव कर रही है।
प्रशासन के कदम और चेतावनी
अधिकारियों ने बताया कि 15 मई को मुख्य सड़क बह जाने के बाद अब एक ऊँची जगह पर बेली ब्रिज बनाकर संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्र के नीचे स्थित रिम्बी एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) केंद्र में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिसके बाद प्रशासन ने संबंधित विभाग को इसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की संभावना का आकलन करने का निर्देश दिया है।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) ने सिंगलिटम, रिम्बी और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को भारी बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है, ताकि अचानक आने वाली बाढ़ और मलबे के बहाव से बचा जा सके।
इनपुट: IANS



