25 दिन समुद्र में फंसे रहने के बाद आंध्र प्रदेश के सात मछुआरे सुरक्षित घर लौटे
आंध्र प्रदेश के सात मछुआरे, जो लगभग 25 दिन पहले समुद्र में लापता हो गए थे, आखिरकार अपने परिवारों के पास सुरक्षित लौट आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले…
आंध्र प्रदेश के सात मछुआरे, जो लगभग 25 दिन पहले समुद्र में लापता हो गए थे, आखिरकार अपने परिवारों के पास सुरक्षित लौट आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले के ये सभी मछुआरे शुक्रवार को काकीनाडा पहुँचे, जहाँ अधिकारियों और उनके परिवार वालों ने उनका स्वागत किया।
ये मछुआरे 3 अगस्त को एक मशीनीकृत नाव पर सवार होकर ओडलरेवु से टूना मछली की तलाश में गहरे समुद्र में गए थे। यात्रा के चार दिन बाद ही उनका अपने परिवारों से संपर्क टूट गया। उनकी वापसी की तय तारीख 12 अगस्त थी, लेकिन जब वे नहीं लौटे तो चिंतित परिवारों ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई।
व्यापक तलाशी अभियान और बचाव
केंद्र सरकार के सहयोग से भारतीय तटरक्षक बल (ICG), नौसेना और अन्य विभागों ने मिलकर एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया। IANS के मुताबिक, इस अभियान में तटरक्षक बल के 15 जहाज और चार हेलीकॉप्टर भी शामिल थे। बुधवार को पश्चिम बंगाल तट के पास शंकरपुर मछली पकड़ने वाले बंदरगाह के नज़दीक स्थानीय मछुआरों ने इस लापता नाव को देखा। उन्होंने फंसे हुए मछुआरों को एक मोबाइल फोन दिया, जिससे उन्होंने आंध्र प्रदेश में अपने परिवार से बात कर अपनी सुरक्षा की पुष्टि की।
तकनीकी खराबी बनी वजह
बचाए गए मछुआरों ने बताया कि उनकी नाव के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण वे समुद्र में फंस गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल के तट तक पहुँचने से पहले उन्हें तीन दिनों से भी ज़्यादा समय तक बिना भोजन के रहना पड़ा। अधिकारियों ने इन सभी को पश्चिम बंगाल से आंध्र प्रदेश वापस लाने में मदद की।
नाव पर सवार मछुआरों की पहचान: कोपानाथी रामकृष्ण, कोल्लाती येसुदासु, पालेपु सांता राव, कोल्लाती श्रीनुबाबू, कर्री रामबाबू, संगानी टाटाराव और काटादी सतीश कुमार।
इनपुट: IANS



