अमेरिकी सेना में AI की चूक: तीन वरिष्ठ सीनेटरों ने खतरनाक गलतियों पर जांच की मांग की
अमेरिकी सेना और खुफिया अभियानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तीन वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने हाल की दो कथित घटनाओं को लेकर रक्षा…
अमेरिकी सेना और खुफिया अभियानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तीन वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने हाल की दो कथित घटनाओं को लेकर रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक से तत्काल जांच कराने की मांग की है, जिनमें AI सिस्टम की विफलता के कारण गंभीर परिणाम हो सकते थे।
सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि गलत डेटा और AI द्वारा उत्पन्न झूठी जानकारी से जानलेवा गलतियां होने का खतरा है। उन्होंने अपने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित एजेंसियों ने AI को तेजी से अपनाने को उचित निगरानी से ज़्यादा महत्व दिया है।
क्या हैं प्रमुख आरोप?
जिन तीन सीनेटरों ने यह मुद्दा उठाया है, वे सीनेट की महत्वपूर्ण समितियों में वरिष्ठ पदों पर हैं। इनमें सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के मार्क वार्नर, आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के जैक रीड और रक्षा सबकमेटी के क्रिस कून्स शामिल हैं।
उन्होंने सार्वजनिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए दो खास मामलों का जिक्र किया है:
- ईरान में हमला: एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के मिनाब में एक अमेरिकी हमले के दौरान AI टारगेटिंग प्लेटफॉर्म ने पुराने भौगोलिक डेटा का इस्तेमाल किया, जिससे ऑपरेशन की सटीकता पर सवाल खड़े हो गए।
- स्पेशल ऑपरेशंस कमांड: एक अन्य मामले में, अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड पैसिफिक द्वारा खुफिया जानकारी में AI से बनी गलत जानकारी शामिल हो गई, जिसके चलते एक सैन्य अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा।
हालांकि, सीनेटरों ने इन घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है और उनके द्वारा जारी दस्तावेजों में इन चूकों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
निगरानी और भरोसे पर चिंता
सीनेटरों ने अपने पत्र में लिखा, "सार्वजनिक रिपोर्ट है कि AI टारगेटिंग प्लेटफॉर्म ने बार-बार गलत जानकारी दी है, जो पुराने डेटा या पूरी तरह से गलत जानकारी पर आधारित है, इससे गंभीर ऑपरेशनल गलती का खतरा है।" उन्होंने चेताया कि इस तरह की विफलताएं अमेरिकी खुफिया जानकारी और उस पर आधारित सैन्य कार्रवाइयों की विश्वसनीयता को कम कर सकती हैं, जिससे अमेरिकी जनता और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
उन्होंने इंस्पेक्टर जनरल से इन मामलों की तुरंत जांच करने और परिणामों को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने पेंटागन पर एक प्रमुख अमेरिकी AI कंपनी पर अपनी तकनीक को पूरी तरह से स्वायत्त हमलों में इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया, हालांकि कंपनी का नाम नहीं बताया गया है।
मानवीय नियंत्रण की आवश्यकता
अमेरिकी सेना खुफिया जानकारी को प्रोसेस करने, पैटर्न पहचानने और निर्णय लेने में मदद के लिए AI का उपयोग तेजी से बढ़ा रही है। सीनेटरों ने कहा कि AI का विश्लेषण में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है, लेकिन इसके लिए सख्त पेशेवर मानक और मानवीय निगरानी अनिवार्य है।
उन्होंने लिखा, "मजबूत मानकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी खुफिया प्रोडक्ट में AI से बनी गलतियां न हों, खासकर जब ऐसी खुफिया जानकारी परमाणु हथियार वाले दुश्मन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का कारण बन सकती है।" उन्होंने 'मूव फास्ट एंड ब्रेक थिंग्स' वाले दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए तो ठीक हो सकता है, लेकिन रक्षा क्षेत्र में इससे गंभीर ऑपरेशनल गलतियां हो सकती हैं।
इनपुट: IANS



