शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया रद्द करने की मांग, सीएम शिवकुमार ने जताई बड़ी आशंका

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य में मतदाता सूचियों के लिए चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रक्रिया…

कर्नाटक: मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया रद्द करने की मांग, सीएम शिवकुमार ने जताई बड़ी आशंका
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य में मतदाता सूचियों के लिए चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाता, विशेषकर समाज के गरीब और वंचित वर्गों के लोग, अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शिवकुमार ने इस प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा, "कर्नाटक में ऐसी प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए, जिससे वास्तविक मतदाता चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाएं, खासकर गरीब और वंचित वर्ग के लोग।" उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की सुरक्षा को अनिवार्य बताया। शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा SIR प्रक्रिया को खत्म कर मतदाता डेटा का नए सिरे से व्यापक पुनरीक्षण कराया जाना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए डी.के. शिवकुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जब अधिकतर सदस्य किसी राय से सहमत नहीं हैं, तो एकतरफा फैसला नहीं थोपा जा सकता। बेहतर होगा कि मुख्य चुनाव आयुक्त नैतिक आधार पर स्वेच्छा से इस्तीफा दे दें।" उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग को दी गई स्वायत्तता का दुरुपयोग किया जा रहा है।

शिवकुमार ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस या भाजपा के वोटों का नहीं, बल्कि हर नागरिक के मतदान के अधिकार का है। उन्होंने कहा, "वोट देने का अधिकार जीने का अधिकार है," और चुनाव आयोग से इस मौलिक अधिकार की रक्षा करने की अपील की।

राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए सवाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के वोट देने के अधिकार का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल, बिहार और कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कोशिशें की गई हैं। अब कर्नाटक समेत हर जगह ऐसा करने की कोशिश हो रही है।"

मतदाता सूची में संशोधन के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6, 7 और 8 का उल्लेख करते हुए उन्होंने मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जिससे अशिक्षित और वंचित वर्ग के लोग प्रभावित हो सकते हैं। शिवकुमार ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर संसद जैसे बड़े मंचों पर चर्चा होनी चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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