विजयन परिवार को राहत नहीं, सीएमआरएल-एक्जालॉजिक मामले में सुप्रीम कोर्ट 21 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास से जुड़े सीएमआरएल-एक्जालॉजिक कथित भुगतान मामले में सुनवाई की तारीख 21 अक्टूबर तय की है। यह मामला…
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास से जुड़े सीएमआरएल-एक्जालॉजिक कथित भुगतान मामले में सुनवाई की तारीख 21 अक्टूबर तय की है। यह मामला केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश से जुड़ा है जिसमें विजिलेंस विभाग को भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विजयन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने इसी आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर जारी सूचना के अनुसार, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ 21 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले पर सुनवाई शुरू करेगी। मुख्यमंत्री विजयन ने इस मामले में एक 'स्पेशल लीव पिटिशन (क्रिमिनल)' दायर की है, जिसमें वकील के.एम. शाहजहां की याचिका पर उच्च न्यायालय में शुरू हुई कार्यवाही को चुनौती दी गई है। उनके अलावा, वीना और रियास समेत अन्य लोगों ने भी इससे जुड़ी याचिकाएं दाखिल की हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड र्यूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा टी. वीना द्वारा स्थापित कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' को किए गए भुगतान से संबंधित है। यह भुगतान तब हुआ था जब पिनराई विजयन पहली बार मुख्यमंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि एक्सलॉजिक को ऐसी सेवाओं के लिए सीएमआरएल से 3.28 करोड़ रुपए मिले, जो कभी प्रदान ही नहीं की गईं। ईडी का दावा है कि यह भुगतान असल में मुख्यमंत्री विजयन को राजनीतिक प्रभाव के बदले दी गई रिश्वत थी। इस मामले में विजयन को पहला और उनकी बेटी वीना को दूसरा आरोपी बनाया गया है। सीएमआरएल के मालिक शशिधरन कार्था समेत कुल सात लोग आरोपी हैं।
हाई कोर्ट का आदेश और जांच
इससे पहले, केरल उच्च न्यायालय के एक सिंगल जज ने 9 अक्टूबर को विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसी के साथ अदालत ने राज्य सरकार के उस फैसले को भी रद्द कर दिया था, जिसमें ईडी की जानकारी पर प्रारंभिक जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था। इस आदेश के बाद, विजिलेंस डायरेक्टर मनोज अब्राहम ने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) थॉमसन जोस की निगरानी में एक जांच टीम बनाने का निर्देश दिया। जब विजयन और अन्य ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की, तो जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की बेंच ने उन्हें अंतरिम राहत देने या आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
इनपुट: IANS



