CJP नेताओं की हिरासत बढ़ी, वकीलों ने अदालती कार्यवाही पर उठाए गंभीर सवाल
नागरिक अधिकार संगठन CJP के दो नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है, जिसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और वकीलों ने अदालत की कार्यवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं…
नागरिक अधिकार संगठन CJP के दो नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है, जिसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और वकीलों ने अदालत की कार्यवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वकीलों ने प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है।
यह मामला तब सामने आया जब सौरव दास और आशुतोष रांका की पांच दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो गई थी। उनके वकील अभिक चिमनी ने बताया कि पिछली सुनवाई में जमानतदारों के दस्तावेज़ों को अदालत ने पर्याप्त रूप से स्पष्ट या वैध नहीं माना था, जिसके बाद वे नए जमानतदारों के कागजात लेकर अदालत पहुंचे थे।
कानूनी प्रक्रिया पर आपत्ति
अधिवक्ता अभिष्त हेल के अनुसार, दोनों नेताओं को उन्हीं तथ्यों पर पहले पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, और अब हिरासत के तकनीकी रूप से छह दिन पूरे हो चुके हैं। वहीं, एक अन्य वकील पुष्प शर्मा ने आरोप लगाया कि अदालत में कानूनी पहलुओं के बजाय 'राजनीतिक रूप से सही दिखने' की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "अंदर जो कुछ हो रहा है, वह कानून और न्याय के लिहाज से चौंकाने वाला और बेतुका है।"
'अदालत में जो हो रहा, वह मज़ाक जैसा है'
इस पूरे घटनाक्रम पर CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा, "अदालत में जो कुछ हो रहा है, वह मजाक जैसा है।" उन्होंने यह भी कहा, "मुझे नहीं पता कि अब इसे अदालत कहना भी चाहिए या नहीं, क्योंकि यहां कानून के नजरिए से कोई बात ही नहीं हुई है।" रत्ना सिंह ने इस प्रक्रिया को न्याय-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताते हुए जांच की मांग की और अन्य अदालतों से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की।
CJP की प्रवक्ता मेहर पसरीचा ने भी इस कार्रवाई को निंदनीय बताया। उन्होंने सवाल किया, "क्या अदालतों में न्याय की प्रक्रिया ऐसी ही होनी चाहिए?" उन्होंने पूछा कि आखिर इन दोनों युवकों ने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके कारण उनकी हिरासत बढ़ाई जा रही है।
इनपुट: IANS



