अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, वृंदा करात की पुनर्विचार याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा से जुड़े एक मामले में दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह याचिका सीपीएम नेता…
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा से जुड़े एक मामले में दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह याचिका सीपीएम नेता वृंदा करात ने दायर की थी, जिसमें दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। सोमवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपने पुराने फैसले पर फिर से विचार करने का कोई आधार नहीं मिला।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला जनवरी 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों से जुड़ा है। वृंदा करात ने आरोप लगाया था कि उस दौरान अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा ने भड़काऊ भाषण दिए थे, जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। जब पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, तो उन्होंने निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया।
ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए एफआईआर का निर्देश देने से इनकार कर दिया कि इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व मंजूरी लेना आवश्यक है। इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया, जिसके बाद करात ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट का पुराना फैसला
इसी साल 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से मना कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि दोनों भाजपा नेताओं के भाषणों को लेकर प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है। सीपीएम नेता वृंदा करात ने 29 अप्रैल के इसी फैसले की समीक्षा के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे अब शीर्ष अदालत ने अंतिम रूप से खारिज कर दिया है।
इनपुट: IANS



