SBI ने विदेशी बाज़ार से जुटाए 50 करोड़ डॉलर, निवेशकों के भरोसे से रिकॉर्ड कम लागत पर मिला फंड
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के माहौल के बीच अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से सफलतापूर्वक 50 करोड़ डॉलर (करीब ₹4,175 करोड़) का फंड जुटाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के माहौल के बीच अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से सफलतापूर्वक 50 करोड़ डॉलर (करीब ₹4,175 करोड़) का फंड जुटाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फंड रेगुलेशन-एस बॉन्ड के ज़रिए जुटाया गया है, जिस पर बैंक 5.25% की दर से ब्याज देगा।
SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने इस सफल बॉन्ड निर्गम को भारत की विकास गाथा और बैंक की मज़बूत साख पर वैश्विक निवेशकों के गहरे भरोसे का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह सफलता एसबीआई के प्रति निवेशकों की मज़बूत रुचि को दर्शाती है।
निवेशकों ने दिखाया ज़बरदस्त उत्साह
इस बॉन्ड इश्यू को बाज़ार में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रतिक्रिया मिली। कुल 145 निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई, जिससे ऑर्डर बुक 2.46 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो कि निर्गम के आकार से लगभग पांच गुना अधिक थी।
शुरुआत में बैंक ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड से 120 बेसिस पॉइंट्स अधिक के स्प्रेड पर फंड जुटाने का संकेत दिया था। लेकिन, निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए बैंक इसे 32 बेसिस पॉइंट्स घटाकर सिर्फ़ 88 बेसिस पॉइंट्स के स्प्रेड पर अंतिम रूप देने में कामयाब रहा। इस बेहद प्रतिस्पर्धी दर को भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए अब तक की सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है।
भारत की साख पर निवेशकों का भरोसा
चेयरमैन सेट्टी के अनुसार, "इस निर्गम का आक्रामक मूल्य निर्धारण यह दर्शाता है कि वैश्विक निवेशक न केवल भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा रखते हैं, बल्कि एसबीआई की वित्तीय मजबूती और क्रेडिट प्रोफाइल पर भी उनका विश्वास बना हुआ है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस फंडिंग से बैंक की उधारी लागत में उल्लेखनीय बचत हुई है।
इन बॉन्ड्स को S&P (बीबीबी), फिच (बीबीबी-) और केयरएज ग्लोबल (बीबीबी+/स्टेबल) जैसी वैश्विक एजेंसियों से निवेश-योग्य रेटिंग मिली है। इन्हें सिंगापुर, इंडिया आईएनएक्स और एनएसई आईएक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
इनपुट: IANS



