सत्य निकेतन इमारत हादसा: मुख्य ठेकेदार यूपी से गिरफ्तार, मालिक दंपत्ति जेल भेजे गए
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी इमारत हादसे में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से…
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी इमारत हादसे में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार कर लिया है, जो ढह गई इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम करवा रहा था। वहीं, इमारत की मालकिन और उनके पति को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ठेकेदार का नाम सनोज है, जिसे पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में सनोज ने बताया कि पिछले 8-10 दिनों से हो रही बारिश के कारण बेसमेंट में कचरा जमा हो रहा था, जिसकी वजह से घटना वाले दिन फर्श की मरम्मत की जा रही थी। इसके अलावा, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से ग्राउंड फ्लोर पर भी काम चल रहा था।
मालिक और उनका बेटा भी हिरासत में
इस मामले में इमारत की 75 वर्षीय मालकिन उर्मिला और उनके 81 वर्षीय सेवानिवृत्त पति हरिराम को भी अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है ताकि मामले की और गहराई से जांच की जा सके। महेश ने पूछताछ में बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से बिल्डिंग के रखरखाव का काम देखता था और उन्होंने यह इमारत अगस्त 2025 में 'हॉस्टल डेज' नामक पीजी ऑपरेटर को लीज पर दी थी।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की योजना
यह पांच मंजिला इमारत 'हॉस्टल डेज' नाम से लड़कों के पीजी के रूप में चल रही थी। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दुर्घटनास्थल के बगल में स्थित एक और जर्जर इमारत को गिराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी से बचा जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह फैसला जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और छात्रों का सामान सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। इससे पहले, इलाके में अवैध निर्माण की जांच के लिए जिम्मेदार पांच निगम अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



