सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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संजय राउत का FDA कमिश्नर को पत्र: बोले- आपके अधिकारी सख्ती की आड़ में कर रहे 2 लाख तक की वसूली

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में कथित भ्रष्टाचार और उगाही को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है…

संजय राउत का FDA कमिश्नर को पत्र: बोले- आपके अधिकारी सख्ती की आड़ में कर रहे 2 लाख तक की वसूली
(फोटो: IANS)

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में कथित भ्रष्टाचार और उगाही को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारी उनकी सख्ती की आड़ में छोटे कारोबारियों से मोटी रिश्वत वसूल रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राउत ने इस पत्र की एक प्रति महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी भेजी है।

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27 सितंबर को लिखे इस पत्र में राउत ने मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली डेयरी उत्पादों और गंदे होटल किचनों के खिलाफ कमिश्नर मुंढे की हालिया कार्रवाइयों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी इसी अभियान का दुरुपयोग कर रहे हैं। राउत ने सोमवार को यह पत्र अपने 'एक्स' अकाउंट पर साझा किया।

रिश्वतखोरी का 'नया रेट कार्ड'

राउत ने अपने पत्र में दावा किया है कि कार्रवाई के डर से 'क्लोजिंग नोटिस' को निपटाने की दरें आसमान छू रही हैं। उनके अनुसार, जो काम पहले 10,000 से 12,000 रुपये में हो जाता था, अब उसके लिए 75,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डेजिग्नेटेड ऑफिसर (DO) और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) लाइसेंस निलंबित करने की धमकी देकर होटल, रेस्तरां और क्विक-कॉमर्स व्यवसायों से जबरन वसूली कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार के केंद्र और konkrét मामले

पत्र में बांद्रा स्थित FDA मुख्यालय और ठाणे कार्यालय को इन गतिविधियों का मुख्य केंद्र बताया गया है। राउत ने कहा कि उन्हें नागपुर, पुणे, सोलापुर, वर्धा और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों से भी छोटे व्यवसाय मालिकों की कई शिकायतें मिली हैं।

एक खास घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ठाणे में दो DO ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी का निलंबित लाइसेंस बहाल करने के लिए कथित तौर पर 17 से 18 लाख रुपये की भारी रिश्वत मांगी थी। राउत ने सोशल मीडिया की अपुष्ट शिकायतों (जैसे चूहा दिखने की शिकायत) के आधार पर बिना भौतिक सत्यापन के लाइसेंस निलंबित करने की प्रथा की भी आलोचना की।

राउत ने की जांच और पारदर्शिता की मांग

सांसद संजय राउत ने कमिश्नर मुंढे से कई ठोस कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि कथित 'क्लोजिंग नोटिस रेट कार्ड' और लाइसेंस बहाली रैकेट की तत्काल जांच की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहकों की शिकायतों पर छापा मारने से पहले अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए, ताकि झूठे आरोपों को रोका जा सके। पत्र में जोर दिया गया है कि जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा उगाही का बहाना नहीं बननी चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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