रूस से तेल खरीदने पर 100% टैरिफ़ का क़ानून: अमेरिका ने भारत जैसे सहयोगियों को ऊर्जा सुरक्षा में मदद का भरोसा दिया
अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय साझेदारों को उनकी ऊर्जा सुरक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद का आश्वासन दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पेशकश उस नए अमेरिकी कानून के संदर्भ में आई है…
अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय साझेदारों को उनकी ऊर्जा सुरक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद का आश्वासन दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पेशकश उस नए अमेरिकी कानून के संदर्भ में आई है जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ़ लगाने का प्रावधान है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की बुधवार को हुई मुलाक़ात के बाद यह जानकारी सामने आई।
इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRIA) को लेकर भारत की चिंताओं और हितों को प्रमुखता से उठाया, जैसा कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया। अगर यह टैरिफ़ लागू होता है तो इससे भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर असर पड़ सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की बातचीत भी प्रभावित हो सकती है।
कानून और राष्ट्रपति के अधिकार
अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि दोनों मंत्रियों ने उन प्रतिबंधों पर चर्चा की जो रूस और ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर लगाए जा सकते हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया कि इस कानून में राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अपने विवेक से अलग-अलग मामलों में इस छूट का इस्तेमाल कर सकते हैं। रुबियो ने इसे एक ऐसा साधन बताया जिसका उपयोग रूस-यूक्रेन संघर्ष और ईरान से जुड़े मामलों, दोनों पर प्रभाव डालने के लिए किया जा सकता है।
भारत के लिए रूस और ईरान का महत्व
भारत के लिए रूस के साथ व्यापारिक संबंध ईरान की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। रूस भारत के लिए तेल और रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, और भारत रूस के कुल तेल निर्यात का लगभग 37 प्रतिशत खरीदता है। इसकी तुलना में, भारत ने 2019 में ईरान से तेल खरीदना काफी कम कर दिया था। ईरान को भारत का निर्यात मुख्य रूप से चावल, खाद्य पदार्थ और दवाओं तक सीमित है, जिन्हें मानवीय आधार पर प्रतिबंधों से छूट प्राप्त है। इस साल की पहली छमाही में ईरान को भारत का निर्यात लगभग 40 करोड़ डॉलर था, जबकि ईरान से तेल और गैस का आयात करीब 70 करोड़ डॉलर रहा।
यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत का अलग टैरिफ़ लगाया था, जिसे बाद में फरवरी में हटा दिया गया था। उस समय चीन पर ऐसा कोई टैरिफ़ नहीं लगा था, जबकि उसने भारत से ज़्यादा रूसी तेल खरीदा था।
इनपुट: IANS



