गुजरात: अस्पताल में कागज़ों पर बना दिया पानी का टैंक, मंत्री के दौरे में खुली पोल, इंजीनियरों पर कार्रवाई
गुजरात के भावनगर जिले में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक अस्पताल के लिए स्वीकृत भूमिगत पानी की टंकी सिर्फ कागज़ों पर ही बनी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जब…
गुजरात के भावनगर जिले में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक अस्पताल के लिए स्वीकृत भूमिगत पानी की टंकी सिर्फ कागज़ों पर ही बनी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जब 50.43 लाख रुपये का बिल भुगतान के लिए पेश किया गया, तब गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के एक औचक निरीक्षण में इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद मंत्री ने मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
यह मामला भावनगर जिले के पालीताना स्थित एक अस्पताल का है। यहाँ 2.55 लाख लीटर क्षमता वाली एक भूमिगत पानी की टंकी के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। हाल ही में जब स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया अस्पताल के दौरे पर पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि स्वीकृत टंकी अपनी जगह पर मौजूद ही नहीं है, जबकि इसका बिल ऊँचे अधिकारियों को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका था।
मंत्री के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई
मामले का पता चलते ही मंत्री पानशेरिया ने पालीताना अस्पताल और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। समीक्षा के बाद उन्होंने बिल जमा करने वाले प्रभारी कार्यकारी इंजीनियर मेहुल दवे और उप कार्यकारी इंजीनियर एन. वी. कालिया के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया। साथ ही, दोनों इंजीनियरों को तत्काल उनके काम से हटाने और नियमों के तहत निलंबित कर नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
इसके अलावा, इस काम से जुड़ी सूरत की ठेकेदार कंपनी 'धर्मनंदन कंस्ट्रक्शन' को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: पानशेरिया
मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं के लिए दिए गए सरकारी फंड के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है कि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो और सभी काम तय मानकों के अनुसार पूरे हों।
इनपुट: IANS



