महाराष्ट्र CET परीक्षा में 2300 करोड़ के घोटाले का आरोप, NCP विधायक ने की न्यायिक जांच की मांग
महाराष्ट्र की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) परीक्षा और दाखिला प्रक्रिया में लगभग 2,300 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने…
महाराष्ट्र की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) परीक्षा और दाखिला प्रक्रिया में लगभग 2,300 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा करते हुए मामले की तत्काल न्यायिक जांच की मांग की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पवार ने इस मामले में सीधे तौर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और महाराष्ट्र CET आयुक्त दिलीप सरदेसाई को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
आरोपों के केंद्र में एडुस्पार्क नाम की एक निजी कंपनी और उसकी सहयोगी फर्में हैं। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि इस कंपनी ने धांधली और हेरफेर वाली टेंडर प्रक्रियाओं के ज़रिए CET परीक्षा प्रबंधन, कौशल विकास परियोजनाओं, शैक्षिक सॉफ्टवेयर और कई सरकारी विभागों में इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं से जुड़े आकर्षक ठेके हासिल किए। पवार ने स्पष्ट किया कि CET सेल एक सरकारी विभाग है, जो MPSC की तरह स्वायत्त संस्था नहीं है, इसलिए इसकी सीधी जवाबदेही सरकार की बनती है।
मंत्री पर निशाना और स्टिंग ऑपरेशन का दावा
विधायक पवार ने सीधे मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर निशाना साधते हुए कहा, "अगर कोई इसमें शामिल है, तो वह पूर्व मंत्री और वर्तमान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और उनसे जुड़ा कोई व्यक्ति हो सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही सोशल मीडिया पर उस सहयोगी की पहचान उजागर करेंगे।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक शिक्षक भी मौजूद थे, जिन्होंने आरोपों को और पुख्ता करते हुए दावा किया कि उन्होंने एक स्टिंग ऑपरेशन किया है। उनके मुताबिक, इस स्टिंग में एक ऐसी एजेंसी का पर्दाफाश हुआ जो प्रति छात्र 25 लाख रुपये लेकर CET परीक्षा में टॉप रैंक दिलाने की गारंटी दे रही थी।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल और प्रमुख मांगें
रोहित पवार ने पुलिस और राज्य के अधिकारियों पर पहले दिए गए सबूतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस आयुक्त कार्यालय को दस्तावेजी सबूत सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पवार ने स्टिंग ऑपरेशन करने वाले शिक्षकों के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए CET अनियमितताओं की जांच के लिए बनी विशेष जांच दल (SIT) की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।
छात्रों के भविष्य को देखते हुए पवार ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एडुस्पार्क और उसकी सहयोगी कंपनियों को दिए गए सभी ठेकों की तत्काल उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच और फोरेंसिक ऑडिट का आदेश देना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सॉफ्टवेयर से हेरफेर रोकने के लिए आगामी मार्च में होने वाली CET परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएं। पवार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार 10 दिनों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो विपक्ष इस मुद्दे को पूरे राज्य में उठाएगा।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री चंद्रकांत पाटिल के कार्यालय के सूत्रों ने कहा है कि शिकायतकर्ता को सभी सबूत सक्षम जांच एजेंसियों को सौंपने चाहिए और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
इनपुट: IANS



