शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बाब-अल-मंदेब में तनाव: भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता का किया समर्थन

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है…

बाब-अल-मंदेब में तनाव: भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता का किया समर्थन
(फोटो: IANS)

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी समुद्री रास्तों पर जहाजों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए। यह बयान हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब से आने वाले जहाजों को रोकने की धमकी के संदर्भ में आया है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "जहां तक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और समुद्री रास्तों पर आने-जाने के अधिकार का सवाल है, भारत हमेशा यही कहता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग खुले रहने चाहिए।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह दुनिया के व्यापार, वैश्विक आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। जायसवाल ने आगे कहा, "बाब-अल-मंदेब स्‍ट्रेट के आसपास जो भी घटनाएं हो रही हैं, उन्हें हम इसी नजरिए से देखते हैं।"

हूती समूह का स्पष्टीकरण

इस बीच, यमन के हूती समूह ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। समूह के मुख्य वार्ताकार और प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल सलाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर स्पष्ट किया कि उनकी नई समुद्री पाबंदियां सिर्फ सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर ही लागू होती हैं।

अब्दुल सलाम ने अपने बयान में कहा, "कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि बाब-अल-मंदेब स्‍ट्रेट बंद कर दिया गया है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारी कार्रवाई सिर्फ सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर लागू होती है।" उन्होंने इस कदम को हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाली 'घेराबंदी' की प्रतिक्रिया बताया, जिसका उद्देश्य यमन के लोगों की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करना है।

सऊदी तेल टैंकरों पर हमला

यह घटनाक्रम सोमवार को हूती समूह द्वारा सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा के बाद हुआ। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, हूती विद्रोहियों का आरोप है कि सऊदी अरब लंबे समय से उनके नियंत्रण वाले इलाकों की नाकेबंदी कर रहा है।

गुरुवार को हूती समूह ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया। समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेआ ने अल-मसीरा टीवी पर बताया कि 'एन्सेलिया' और 'लैला' नामक इन टैंकरों को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने समुद्री प्रतिबंध का उल्लंघन किया था। सरेआ ने दावा किया कि हमलों के बाद दोनों जहाजों में आग लग गई और उनका अभियान सफल रहा।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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