कोलकाता आरजी कर केस: तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का निलंबन 120 दिनों के लिए और बढ़ा
कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्याकांड मामले में कर्तव्य में लापरवाही के आरोपी तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के निलंबन की अवधि 120 दिन और बढ़ा दी गई है। राज्य सचिवालय से मिली जानकारी क
कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्याकांड मामले में कर्तव्य में लापरवाही के आरोपी तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के निलंबन की अवधि 120 दिन और बढ़ा दी गई है। राज्य सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह फैसला अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को निष्पक्ष और बिना किसी प्रभाव के सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन अधिकारियों को इसी साल 15 मई को निलंबित किया गया था।
निलंबित किए गए अधिकारियों में कोलकाता पुलिस के तत्कालीन कमिश्नर विनीत कुमार गोयल, तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (नॉर्थ डिवीजन) अभिषेक गुप्ता और तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद इन तीनों को निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि और सीबीआई जांच
यह मामला अगस्त 2024 का है, जब आरजी कर अस्पताल परिसर में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में चिकित्सा जगत से लेकर आम लोगों तक ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, जिसकी गूंज दूसरे राज्यों तक भी पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने जांच को ठीक से न संभालने का आरोप लगाते हुए गोयल और गुप्ता के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी। उस समय, इंदिरा मुखर्जी पर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भ्रामक जानकारी देने के आरोप लगे थे।
जनता के भारी दबाव के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोयल और गुप्ता का तबादला तो कर दिया था, लेकिन मुखर्जी अपने पद पर बनी रहीं। अब इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पिछले महीने सीबीआई की नई टीम ने अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए थे।
इनपुट: IANS



