आरजी कर मामला: सबूत मिटाने की साज़िश में एक और गिरफ़्तारी, पूर्व विधायक के बाद संजीव मुखर्जी भी पुलिस हिरासत में
पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर सबूत मिटाने की कथित साजिश के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने…
पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर सबूत मिटाने की कथित साजिश के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने दूसरे वांछित आरोपी संजीव मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुखर्जी को गुरुवार देर रात कोलकाता के चिनार पार्क स्थित एक घर से पकड़ा गया।
यह गिरफ्तारी इस मामले के मुख्य आरोपी और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद हुई है। घोष को पड़ोसी राज्य ओडिशा से गुरुवार दोपहर को ही गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि मुखर्जी, घोष और एक अन्य आरोपी ने मिलकर पनिहाटी श्मशान घाट में पीड़िता के शव का आनन-फानन में दाह संस्कार कराया था, ताकि सबूतों को नष्ट किया जा सके।
साजिश के तार और फरार आरोपी
पुलिस के अनुसार, इस साजिश में तीसरा आरोपी पनिहाटी नगरपालिका से तृणमूल कांग्रेस का पार्षद सोमनाथ डे है, जो अभी भी फरार चल रहा है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों, निर्मल घोष और संजीव मुखर्जी को शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले की बैरकपुर जिला अदालत में पेश किया जाएगा। लोक अभियोजक अदालत से दोनों की पुलिस हिरासत की मांग करेंगे ताकि साजिश की तह तक पहुंचा जा सके।
कैसे दोबारा खुली जांच की फाइल
इस पूरे मामले में जांच की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि पर 8 अगस्त को एक नई जांच की घोषणा की। यह जांच बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट को सौंपी गई। संदेह है कि शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार इसलिए किया गया ताकि दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना को खत्म किया जा सके। इसके बाद पीड़िता के पिता की नई शिकायत पर खारदाह पुलिस स्टेशन में निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई, जिसके बाद से तीनों फरार थे।
क्या था आरजी कर मामला?
गौरतलब है कि 9 अगस्त, 2024 की सुबह कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक महिला डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि पिछली रात उनके साथ क्रूरता से बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आरोप लगे कि नियमों का उल्लंघन करते हुए उनके शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इनपुट: IANS



