बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: विधान परिषद के पूर्व चेयरमैन बसवराज होरट्टी का आरोप, 'मजबूरन इस्तीफे पर दस्तखत करवाए गए'

कर्नाटक विधान परिषद के पूर्व चेयरमैन बसवराज होरट्टी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध और बिना पूर्व योजना के सभापति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। हुबली में मीडिया से बा…

कर्नाटक: विधान परिषद के पूर्व चेयरमैन बसवराज होरट्टी का आरोप, 'मजबूरन इस्तीफे पर दस्तखत करवाए गए'
(फोटो: IANS)

कर्नाटक विधान परिषद के पूर्व चेयरमैन बसवराज होरट्टी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध और बिना पूर्व योजना के सभापति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। हुबली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख और निराशा व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन उन्होंने पद छोड़ने की योजना बनाई थी, उन्हें उस दिन ऐसा करने का अवसर नहीं दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, होरट्टी ने संकेत दिया कि उन्हें उम्मीद थी कि वे कार्यवाही पूरी करने के बाद औपचारिक रूप से सदन से विदा लेंगे।

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46 वर्षों से सदन के सदस्य रहे होरट्टी ने कहा कि वे टकराव की स्थिति से बचना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के जोर देने पर इस्तीफे पर हस्ताक्षर कर दिए। होरट्टी ने कहा, "राज्य सरकार के इस कदम से मुझे दुख हुआ है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं दुखी हूं। ... मुझे मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा। मैं टकराव की स्थिति नहीं चाहता था।"

इस्तीफे की टाइमलाइन पर असहमति

बसवराज होरट्टी ने बताया कि इस्तीफे के समय को लेकर उनकी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से पहले ही सहमति बन गई थी। उनके मुताबिक, यह तय हुआ था कि 13 अगस्त को शोक प्रस्ताव पूरे किए जाएंगे और 14 अगस्त को उपसभापति का चुनाव होगा। होरट्टी ने कहा, "मैंने उनसे कहा था कि उस दिन आभार व्यक्त करने के बाद मैं अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। मैंने इस बारे में घोषणा भी की थी।" हालांकि, उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उसी दिन इस्तीफे पर हस्ताक्षर करने पर जोर दिया, जिससे उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा।

राज्यपाल से संवाद और पदमुक्ति

अपने इस्तीफे की स्थिति पर होरट्टी ने कहा कि उन्होंने इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी राज्यपाल को दे दी है, लेकिन उन्हें इस बात की कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली कि उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा, "मैंने इस मामले में गवर्नर को सब कुछ बता दिया है। गवर्नर ने मुझे कोई सूचना नहीं दी है।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा, "जहां तक मुझे पता है, अगर मुझे प्रोटेम चेयरमैन नियुक्त किया गया है तो इसका मतलब है कि मेरा इस्तीफा मंजूर हो गया है।"

यह पूरा विवाद तब सामने आया जब बसवराज होरट्टी ने शुक्रवार को राज्य विधानमंडल के उच्च सदन के सभापति पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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