गुरूवार, 9 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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असम में MSME सेक्टर की ऊंची उड़ान, पंजीकृत उद्यमों की संख्या 17 लाख के पार

असम में छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जो राज्य में रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास को गति देने का एक प्रमुख ज़रिया बन गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार,

असम में MSME सेक्टर की ऊंची उड़ान, पंजीकृत उद्यमों की संख्या 17 लाख के पार
(फोटो: IANS)

असम में छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जो राज्य में रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास को गति देने का एक प्रमुख ज़रिया बन गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, असम में अब 17.29 लाख पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख स्तंभ बताया है।

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गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री सरमा ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में पंजीकृत MSME की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। सरकार इस क्षेत्र को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "यह एक सकारात्मक संकेत है और हम इसे आगे भी बढ़ाना चाहते हैं।"

रोजगार और समृद्धि की बुनियाद

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर नया उद्यम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करता है। उन्होंने कहा, "हम जो भी नया उद्यम शुरू करते हैं, वह रोजगार, अवसर और अधिक शांतिपूर्ण, समृद्ध तथा स्थिर असम की दिशा में एक निवेश है।" MSME सेक्टर राज्य में विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प, और सेवा जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सरकारी नीतियों से मिली मदद

विशेषज्ञों का मानना है कि पंजीकृत उद्यमों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि अब अधिक कारोबारी औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। इसके पीछे सरकार द्वारा उठाए गए कई नीतिगत कदम हैं, जिनमें नियमों को सरल बनाना और छोटे कारोबारियों के लिए वित्तीय सहायता को आसान करना शामिल है। 'एडवांटेज असम' जैसी पहलों के जरिए निवेश आकर्षित करने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने से भी इस क्षेत्र को मजबूती मिली है। सरकार का मानना है कि एक मजबूत MSME सेक्टर बेरोजगारी घटाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए बेहद ज़रूरी है।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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