पश्चिम बंगाल: पत्थर कारोबारी तुलु मंडल पर शिकंजा, रेड कॉर्नर नोटिस जारी, 3000 करोड़ की राजस्व चोरी का आरोप
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के चर्चित पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे तुलु…
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के चर्चित पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे तुलु मंडल फिलहाल फरार चल रहे हैं और जांच एजेंसियां उनकी तलाश कर रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस द्वारा अदालत से अनुरोध के बाद यह नोटिस जारी किया गया है।
यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब हाल ही में तुलु मंडल के एक रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ था। बीरभूम जिले के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में स्थित इस घर से पुलिस को 28.5 करोड़ रुपए कैश और करीब 15 किलोग्राम सोना मिला था। इस बरामदगी के बाद से ही जांच एजेंसियां तुलु मंडल को लेकर और भी सतर्क हो गई हैं।
अदालत का अल्टीमेटम और संपत्ति जब्त होने का खतरा
बीरभूम जिले की सूरी अदालत ने मंगलवार को पुलिस के उस आवेदन को मंजूरी दे दी, जो सोमवार को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए दाखिल किया गया था। सरकारी वकील विभास चटर्जी ने बताया कि तुलु मंडल को 14 अगस्त, शुक्रवार तक अदालत में पेश होने का समय दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर तुलु मंडल इस अवधि में हाजिर नहीं होते हैं, तो उन्हें 'घोषित अपराधी' करार दिया जाएगा, जिसके बाद उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
तीन हजार करोड़ के राजस्व घोटाले का आरोप
तुलु मंडल पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि पिछले पांच सालों के दौरान उन्होंने करीब 3,000 करोड़ रुपए के राजस्व की चोरी की है। पुलिस उनकी संपत्तियों का पता लगाने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही है, जिसमें उनके ठिकानों के अलावा रिश्तेदारों और करीबियों के घर भी शामिल हैं।
मामले में तीन अन्य आरोपी पुलिस हिरासत में
इस मामले की जांच के सिलसिले में सोमवार को तुलु मंडल के एक और रिश्तेदार रिपोन मंडल को गिरफ्तार किया गया। उसे पूर्व बर्दवान जिले के आउसग्राम स्थित उसके घर पर छापे के बाद पकड़ा गया। मंगलवार को रिपोन के साथ दो अन्य आरोपियों, शेख रियाजुल इस्लाम और शेख नूर आलम, को भी सूरी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन सभी के नाम कथित पत्थर सिंडिकेट से जुड़े बताए जा रहे हैं। वहीं, आरोपियों के वकील ने दलील दी कि सिर्फ उनके मुवक्किलों को फंसाया जा रहा है और तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



