ईरान का खाड़ी देशों को संदेश: अमेरिकी आर्थिक अभियान में शामिल होने वाले 'दुश्मन' माने जाएंगे
ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का हिस्सा बनेगा, तेहरान उसे अपना 'दुश्मन' समझेगा और उसके हितों को निशाना बना सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरानी संसद…
ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का हिस्सा बनेगा, तेहरान उसे अपना 'दुश्मन' समझेगा और उसके हितों को निशाना बना सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि अमेरिका, इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा को दांव पर लगा रहा है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने शनिवार को एक इंटरव्यू में यह चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान 'होर्मुज स्ट्रेट से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।' रेजाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान पहले ऐसे देशों से बातचीत करेगा और विवाद से दूर रहने की अपील करेगा, लेकिन न मानने पर कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका पर सहयोगियों की अनदेखी का आरोप
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "अमेरिका ने इजरायल के हितों के लिए दबाव बनाने और अपने सहयोगी देशों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करके उनके सुरक्षा हितों को खतरे में डाल दिया है।" कालीबाफ ने यह भी बताया कि ईरान को पड़ोसी देशों से क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक सहयोग को लेकर कई संदेश मिले हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी भूमिका
कालीबाफ का मानना है कि स्थायी शांति केवल क्षेत्रीय देशों द्वारा ही स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा, "वास्तविक शांति और सुरक्षा तभी आ सकती है जब क्षेत्र के देश अपनी खुद की स्वतंत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें।" मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी के अरब देश वॉशिंगटन से इस बात से नाराज हैं कि अमेरिका ने युद्ध शुरू तो किया, लेकिन उन्हें उसके प्रभावों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।
इनपुट: IANS



